देशभर में नोटबंदी को लेकर हल्ला मचा है। कुछ बड़े लोग लोगों को कमीशन देकर नोट बदलवाने के लिए लाइन में लगवा रहे हैं। इस बीच सोमवार को एक ऐसी वीडियो वायरल हो गई, जिसमें पुलिस अफसरों पर आरोप लग रहे हैं कि वे नोट बदलवाने के लिए प्रशिक्षु सिपाहियों को लाइन में लगवा रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही एसएसपी ने एक महिला सिपाही समेत चार को सस्पेंड करते हुए जांच सीओ सिविल लाइन को सौंप दी है।
मामला सिविल लाइन थाने का है। मुंशी ब्रिजेश कुमार, सिपाही राहुल शर्मा, महिला सिपाही नीरज रानी और एक महिला कांस्टेबल आपस में बातचीत कर रहे थे। पुलिसकर्मियों में चर्चा थी कि आखिर पुराने नोट कैसे बदले जाएं। इसी दौरान एक महिला सिपाही नीरज रानी ने कहा कि इसकी शिकायत तो सबको एसएसपी से करनी चाहिए। दूसरा सिपाही बोला कि एसएसपी के नोट भी नहीं बदले जा रहे होंगे। उसके बाद नीरज रानी आरोप लगाते हुए बोली कि मुझको सब जानकारी है। पुलिस अधिकारियों ने तो पुलिस लाइन में प्रशिक्षु सिपाहियों को लाइन में लगाकर अपने-अपने नोट बदलवाए है। प्रशिक्षुओं ने ही मुझको बताया है।
महिला कांस्टेबल की बात को सिपाही राहुल शर्मा ने सही बताया। उसके बाद चारों पुलिसकर्मियों ने आईजी, डीआईजी व एसएसपी की कार्यशैली पर कमेंट्स किए। पुलिसकर्मियों की बातचीत की इस दौरान थाने में मौजूद एक मीडियाकर्मी ने अपने मोबाइल फोन में वीडियो बना ली, जो वायरल हो गई।
वीडियो देख पुलिस अफसर हैरान
नोट बदलवाने को लेकर पुलिस अफसरों के बारे में टिप्पणी की वीडियो देखकर एसएसपी भी हैरान रह गए। आईजी और डीआईजी को जानकारी लगी तो उन्होंने तुरंत एसएसपी से मामले की जांच कराकर पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए। एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेकर सीओ सिविल लाइन डॉ. अरविंद कुमार को जांच रिपोर्ट सौंप दी। देर शाम एसएसपी ने इस मामले में महिला कांस्टेबल नीरज रानी को सस्पेंड कर दिया।