आदि गुरू शंकराचार्य चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानानन्द सरस्वती महाराज धरना को स
आदि गुरु शंकराचार्य चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक ने सीओ के आश्वासन पर धरना समाप्त किया
संवाद न्यूज एजेंसी
मुंडाली। आदि गुरु शंकराचार्य तपोस्थली नंगलामल के स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज ने तपोस्थली भूमि से कब्रिस्तान हटाने और सुरक्षा की मांग को लेकर बुधवार को धरना दिया। मांग पूरी न होने पर तपोस्थली से छोड़कर जाने का ऐलान किया। एसओ मुंडाली के समझाने व आश्वासन पर स्वामी ने धरना समाप्त किया।
मुंडाली थाना क्षेत्र में आदि गुरु शंकराचार्य चैरिटेबल ट्रस्ट का नंगलामल में गुरुकुल आश्रम है। इसके संस्थापक स्वामी दीपक ज्ञानानंद सरस्वती महाराज हैं। आदि गुरु शंकराचार्य की नंगलामल में ही तपोस्थली स्थित है जहां पर एक भव्य मंदिर भी है। स्वामी ने बताया कि तपोस्थली की भूमि पर कब्रिस्तान बना हुआ है। उक्त भूमि पर काफी समय पहले सरकारी रिकार्ड में हेराफेरी की गई थी। उन्होंने बताया कि संतों की समाधि स्थान को कब्रिस्तान लिखा गया था। परंतु उक्त भूमि पर मुस्लिम समाज ने कब्रिस्तान बना लिया है जो गलत है। वह उक्त कब्रिस्तान को हटाने के लिए कई बार धरना-प्रदर्शन कर तहसील सदर मेरठ के अधिकारियों को तपोस्थली पर समाधि होने के कागजात दे चुके हैं परंतु प्रशासनिक अधिकारी कब्रिस्तान नहीं हटा सके हैं। कुछ असामाजिक तत्व उन्हें जान से मारने की योजना भी बना सकते हैं। बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों से सुरक्षा की भी मांग कर चुके हैं परंतु सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा रही है। पहले दो बार सुरक्षा दी वह भी 15 दिनों के लिए। उन्हें अपनी जान का खतरा बना हुआ है।
एसओ मुंडाली राम गोपाल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्वामी दीपक ज्ञानानन्द सरस्वती महाराज को समझाकर धरना समाप्त कराया। तपोस्थली छोड़कर न जाने पर भी राजी किया। एसओ मुंडाली ने आश्वासन दिया कि जनपद के वरिष्ठ अधिकारियों को समाधि स्थल के कागजात सौंपे जाएंगे। स्वामी की सुरक्षा के लिए भी अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। इस दौरान धर्मेंद्र खटाना, सुमित राणा, शैलेंद्र शर्मा, ठाकुर विचित्र तोमर, श्रीओम तोमर, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत तोमर, ब्रजेश शर्मा पूर्व प्रधान, सुनील पुंडीर एडवोकेट, मुनेश त्यागी, गजेंद्र सिंह आदि लोग रहे।