लिसाड़ी गांव के नूरनगर हाल्ट स्थित देसी शराब के ठेके में मंगलवार सुबह सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने घुसकर जमकर तोड़फोड़ कर दी। कर्मचारियों को पीटते हुए शराब की बोतलें बाहर फेंककर आग लगा दी। पथराव होने पर पुलिस ने भीड़ को लाठियां फटकारकर खदेड़ा। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। ठेका सेल्समैन ने थाना लिसाड़ी गेट में पांच महिलाओं समेत 19 लोगों के खिलाफ नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट, आगजनी, तोड़फोड़, बलवा समेत कई संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
क्षेत्रीय महिलाओं का कहना है कि इस शराब ठेके पर लोगों का झुंड लगा रहता है, जिससे महिलाओं से छेड़खानी होती है। घर के मर्दो को शराब की लत लग चुकी है, जिससे घरों में विवाद होता है। शिकायत के बावजूद पुलिस भी महीना वसूलकर चली जाती है। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे सैकड़ों महिलाओं-पुरुषों ने लाठी-डंडों के साथ ठेके पर धावा बोल दिया। भीड़ ने ठेका बंद करने की कोशिश की तो ठेके के कर्मचारियों ने विरोध किया। जिस पर भीड़ ने ठेके में तोड़फोड़ करते हुए शराब की बोतलें बाहर फेंकनी शुरू कर दी। ठेके के सेल्समैन राहुल और अन्य कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। जिसके बाद शराब की बोतलों में आग लगा दी गई।
बवाल की सूचना पर सीओ कोतवाली रणविजय सिंह लिसाड़ी गेट, ब्रह्मपुरी और नौचंदी पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को कानून हाथ में न लेने की नसीहत दी तो महिलाएं पुलिस से ही उलझ गईं। हाथापाई की नौबत आ गई। मामला बढ़ता देख पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए भीड़ को खदेड़ा तो कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भीड़ को दौड़ा दिया। पिटाई से घायल सेल्समैन राहुल को अस्पताल ले जाया गया। सेल्समैन ने करीब साढे़ तीन लाख का नुकसान बताया है। सीओ कोतवाली ने बताया कि मौके से लाला, मोनू और अंकित को गिरफ्तार किया गया है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।