ईव्ज चौराहा करीब एक घंटा बवालियों के हवाले रहा। पुलिसकर्मियों के हाथों से डंडों छीनकर बवालियों ने वहां से गुजरते लोगों को पीटकर उनकी गाड़ी भी तोड़ डाली। तमाशबीन बनी पुलिस को बवालियों ने दौड़ा दौड़ाकर पीटा। मेरठ में दंगा होने की भी अफवाह तक फैल गई। इस वारदात में पुलिस की लापरवाही की भी पोल खुली है।
शुक्रवार दोपहर 2:35 बजे हादसा हुआ। ईव्ज अस्पताल में स्ट्रेचर पर ओसामा का शव रखा था। ओसामा का शव देखने वालों की अस्पताल में भीड़ उमड़ पड़ी। करीब 15 मिनट बाद 2:50 बजे गुदड़ी बाजार, शाहपीरगेट और लिसाड़ीगेट के काफी संख्या में बवाली युवक अस्पताल में पहुंचे। बवालियों ने शुरुआत में सिटी बस व लो फ्लोर बस तोड़कर हंगामा शुरू किया। दोपहर 3:05 बजे एक दरोगा और चार पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। लोगों में गुस्सा था कि पुलिस इतनी देरी से क्यों पहुंची।
बवाली युवकों ने पुलिस से उनके डंडे छीने और दोबारा से इनोवा, लो फ्लोर बस समेत 12 वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। कुछ जिम्मेदार लोगों ने बवाली युवकों को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं माने। हालात यह थे कि बवालियों का करीब एक घंटा ईव्ज चौराहों पर कब्जा रहा, जिसे चाहा उसको जमकर पीटा। बवालियों ने पुलिस को पीटना शुरू किया तो वह अपनी जान बचाकर इधर उधर भागने लगी। बेबस पुलिस वायरलेस सेट पर चिल्लाती रही, लेकिन फोर्स नहीं पहुंची।
सड़क पर भगदड़, दहशत का माहौल
बवालियों का तांडव देखकर हापुड़ रोड पर भगदड़ मच गई। लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। लोग पुलिस को फोन घनघनाने में लगे थे, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं था। लोगों का कहना है कि हादसा होते ही पुलिस को सूचना दी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। देखते देखते बवाल बढ़ता चला गया और पुलिस तमाशा देखती रही।
एसओ कोतवाली को भी दौड़ाया
दोपहर 3:15 बजे एसओ कोतवाली विजय गुप्ता थाना पुलिस के साथ पहुंचे। लेकिन बवालियों पर काबू नहीं कर पाए। बवालियों ने एसओ को भी दौड़ा लिया। हालात इतने बेकाबू थे कि पुलिस बवालियों के सामने साहस नहीं जुटा सकी।
सीओ ने बवालियों को दौड़ाया
दोपहर करीब 3:30 बजे सीओ कोतवाली रणविजय सिंह पहुंचे। सीओ ने बवालियों पर लाठीचार्ज कराया और उनको जमकर दौड़ाया। कुछ बवालियों ने सीओ से भी मुकाबला करने का प्रयास किया। पुलिस ने लाठी चलाकर नौ लोगों को पकड़कर अलग-अलग थानों में भेजा।
बवाल शांत होने के बाद पहुंचे एसपी सिटी
बवाल शांत होने के बाद एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी ने पुलिस से बातचीत की और बवालियों पर कार्रवाई करने की बात कहकर लौट आए। कमाल की बात है कि शहर में बवाल होने के बावजूद एसएसपी मौके पर नहीं पहुंचे। एसएसपी फोन पर एसओ और सीओ से घटना की जानकारी लेकर पुलिस फोर्स को मौके पर भेजते रहे।