संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। कमिश्नरी चौराहे पर 1857 क्रांति मंच के बैनर तले कमिश्नरी से कलक्ट्रेट तक शांतिपूर्ण प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा नए नियमों को लेकर देशभर में उठ रहे विरोध के बीच सोमवार को प्रदर्शन किया। क्रांति मंच सदस्य अभिमन्यु का कहना है कि कानून का मूल सिद्धांत यह है कि झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायत करने वाले को दंड मिले। यूजीसी ने इस प्रावधान को हटाकर शिक्षण संस्थानों में अराजकता और ब्लैकमेलिंग का रास्ता खोल दिया है। हम मांग करते हैं कि झूठी शिकायतों पर दंड का प्रावधान तत्काल बहाल किया जाए। इसमें सामान्य और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग से जुड़ा है। सामान्य वर्ग किसी एक जाति या समुदाय का नाम नहीं है। इसमें हर धर्म और हर समाज के आर्थिक रुप से कमजोर छात्र आते हैं। इस मौके पर दीपक शर्मा, अरविंद शर्मा, विश्वास त्यागी, सागर रस्तोगी, शिवम शर्मा, नितिन गर्ग आदि मौजूद रहे।