मवाना। हस्तिनापुर चेतावाला में बंगाली कॉलोनी के 12 परिवारों ने बेघर करने तथा उनकी झोपड़ी में तोड़फोड़ करने के विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को तहसील में प्रदर्शन किया। वहीं, प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम के स्टेनो को सौंपा।
हस्तिनापुर चेतावाला में बंगाली कॉलोनी में 12 लोगों को जबरन उजाडे जाने तथा झोपड़ियों में तोड़फोड ़कर बेघर करने के आरोप में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं के साथ तहसील में जमकर प्रदर्शन किया तथा प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर धरना दिया। उन्होंने कहा कि वे लोग बंगाली कॉलोनी में 25 वर्षो से रह रहे हैं। 14 अगस्त को उनके घरों में तोड़फोड़ एवं आगजनी की गई। उन्हें 1998 में सरकार ने आवंटित किए थे। वहीं, विद्युत, प्रधानमंत्री सुलभ शौचालय, पेयजल तथा खड़ंजा आदि की व्यवस्था कराई गई। डेयरी विभाग हस्तिनापुर द्वारा बिना किसी सूचना के असामाजिक तत्वों को बुलाकर बस्ती में तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट एवं महिलाओं से मारपीट तथा अभद्र की गई। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ित परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक मद्द दी जाए। सरकार से पीड़ितों को मकान मुहैया कराए जाने की मांग की। धरना-प्रदर्शन में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विकास हरित, सुभाष चंद जाटव, कर्मवीर भाटी, हाजी बाबर, शुभम लोहिया, अचल सिंह, अमरपाल सैनी, रमेश हल्देनिया, रवि नागवंशी, जयप्रकाश खनोदा, सागर, शिखा, सुचित्रा आदि काफी संख्या में थे।
एक-दूसरे पर लगाए आरोप
हस्तिनापुर। राजकीय पशुधन कृषि पर क्षेत्र की भूमि में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा डाली गई झोपड़ियों को अवैध बताते हुए शुक्रवार को जेसीबी से हटवा दिया था। झोपड़ियों में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी। जिसमें कीमती सामान और नकदी जलकर नष्ट हो गई। इसका आरोप अधिकारियों पर लगाया। वहीं का कहना है कि ग्रामीणों ने स्वयं झोपड़ी में आग लगाई है। इसकी वीडियोग्राफी उनके पास है। तहसीलदार अजय उपाध्याय ने सोमवार को घटना की जांच की।