शास्त्री नगर में सराफ के परिवार की महिलाओं और व्यापारियों का हंगामा
मेरठ। शास्त्री नगर में सराफ के घर डकैती का खुलासा ना होने पर 72वें दिन रविवार को सराफ के परिवार का गुस्सा फूट पड़ा। परिवार की महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर धरने पर बैठ र्गइं। पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को एसएसपी से मिलवाने की बात कहकर थाने ले आई। आरोप है कि थाने में महिलाओं के साथ पुलिस ने अभद्रता की। इसकी जानकारी लगने पर व्यापारियों ने थाना घेर लिया। भाजपा और प्रसपा कार्यकर्ताओं ने भी विरोध में प्रदर्शन किया।
शास्त्री नगर एल ब्लाक निवासी सराफ तेजपाल सिंह वर्मा के घर में 26 दिसंबर को बदमाशों ने डकैती डाली थी। पीड़ित परिवार के लोग घटना का खुलासा कराने की मांग करते हुए अधिकारियों के यहां लगातार चक्कर लगा रहे थे। उनका कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। सराफ डिप्रेशन में होने के कारण अस्पताल में भर्ती हैं।
सराफ की तीनों बेटी और अन्य महिलाएं तेजगढ़ी मार्ग पर धरने पर बैठ गईं। इससे जाम लग गया। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर नौचंदी प्रेमचंद शर्मा पुलिस टीम के साथ पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया और तीन दिन में घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया। महिलाओं ने एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद इंस्पेक्टर ने एसएसपी को किसान आंदोलन की रैली में व्यस्त होने की बात कही और वहीं पर उनसे मुलाकात कराने की बात कहकर महिलाओं को जीप में बैठाया और उन्हें थाने ले आई।
आरोप है कि थाने में सर्राफा व्यापारी की बेटियों से पुलिस ने अभद्रता की। बाद में व्यापारी नेता अरुण वशिष्ठ, जीतू नागपाल, शैंकी वर्मा सहित कई व्यापारी नेता नौचंदी थाने में पहुंच गए। सीओ कोतवाली अरविंद कुमार और सीओ सिविल लाइन देवेश शर्मा भी आ गए। उन्होंने मामला शांत करने का प्रयास किया। महिलाओं ने पुलिस के समक्ष रोष जताया कि 72 दिन बीत चुके। इसके बावजूद घटना का खुलासा नहीं हो पाया है।
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शास्त्री नगर से थाने तक किया हंगामा
- सराफ की बेटियों ने शास्त्री नगर से नौचंदी थाने तक करीब दो घंटे तक हंगामा किया। बेटियों का कहना था कि यदि थाने में बैठाने के दौरान व्यापारी नहीं आते तो पुलिस उन्हें भी झूठे केस में जेल भिजवा देती। वहीं, व्यापारी भी हंगामे के दौरान लगातार पुलिस के प्रति रोष जाहिर करते रहे।
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तीन दिन बाद तय करेंगे आगे की रणनीति
- आठ मार्च को सराफ के परिवार के साथ एसएसपी ऑफिस पर आत्मदाह करने की चेतावनी दे चुका था। सराफ अस्पताल में भर्ती हैं। फिलहाल आत्मदाह नहीं करेंगे। पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए तीन दिन का समय मांगा है। परिवार का कहना है कि अब तीन दिन बाद ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
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इंस्पेक्टर पर कार्रवाई की मांग
- इंस्पेक्टर पर अभद्र भाषा का आरोप लगाते महिलाओं ने उन पर कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेताओं ने फोन पर एसएसपी से बात की और इंस्पेक्टर को हटाने की मांग पर अड़ गए। उन्होंने कहा कि पुलिस पीड़ित परिवार की मदद करने की बजाय उनका उत्पीड़न कर रही है। वहीं, सीओ सिविल लाइन देवेश सिंह का कहना है कि जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।