कोरोना संक्रमित मरीज के बिल को लेकर हंगामा
मेरठ। नौचंदी थाना क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में मंगलवार अधिक बिल बनाने को लेकर हंगामा हो गया। पुलिस की मौजूदगी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। बाद में कुछ रियायत मिलने के बाद तीमारदार शांत हुए और वे अपने मरीज को लेकर वहां से चले गए। बाद में मरीज को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
जागृति विहार निवासी अरुण शर्मा को 13 मई को कोरोना संक्रमण के चलते निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को 12 दिन बीतने के बाद जब सेहत में कोई ज्यादा सुधार नही हुआ तो परिजनों ने डॉक्टर से बात की। आरोप है कि डॉक्टर ने अभद्र व्यवहार किया और मरीज की छुट्टी कराने की सलाह परिजनों को दी।
परिजनों के मुताबिक रात में ही मरीज की ऑक्सीजन हटा दी गई। इससे ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। मंगलवार सुबह डिस्चार्ज की प्रक्रिया शुरू हुई तो 1.92 लाख रुपये का बिल दिया गया। परिजनों ने बिल में रियायत की बात कही तो मामला गरमा गया। बिल के विवाद पर काफी देर तक हंगामा हुआ।
इसी दौरान सूचना मिलने पर छात्र नेता विजय बहादुर अपने साथियों के साथ पहुंचे और सीएमओ सहित अन्य अफसरों से बात की। बाद में इंस्पेक्टर प्रेमचंद शर्मा भी पहुंच गए। काफी देर चले हंगामे के बाद अस्पताल की ओर से बमुश्किल 15 हजार रुपये की छूट दी गई। परिजनों ने बिल का भुगतान किया और मरीज को तत्काल मेडिकल ले जाकर भर्ती कराया।