मेरठ। फर्जी बैनामा कराकर करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर कब्जा करने के मामले में पुलिस ने पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की घेराबंदी शुरू कर दी है। पुलिस ने तहसील से जमीन के दस्तावेज मांगते हुए याकूब के खिलाफ सुबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, याकूब कुरैशी पक्ष से पुलिस को जमीन के कागज दिखाए गए हैं, जिसमें बैनामा असली बताया गया है। हालांकि जिससे बैनामा कराया, उसका तहसील के अभिलेखों में नाम दर्ज नहीं है।
खरखौदा के हाजीपुर गांव निवासी मुजम्मिल की शिकायत पर याकूब कुरैशी और उनके बेटे इमरान पर मुकदमा दर्ज हुआ है। 1450 मीटर जमीन हड़पने और पीड़ित पर जानलेवा हमले के आरोप की जांच सीओ किठौर आलोक सिंह कर रहे हैं। शनिवार को याकूब पक्ष ने पुलिस को सफाई दी कि बैनामा असली है और उनको फंसाने की साजिश चल रही है। याकूब पक्ष ने आबिद से बैनामा कराने की बात कहकर दस्तावेज भी दिए हैं।
सीओ किठौर का कहना है कि जिस व्यक्ति से याकूब कुरैशी ने बैनामा कराने की बात कही है, उसके नाम तहसील में जमीन दर्ज नहीं है। उक्त व्यक्ति आबिद का दाखिल खारिज भी नहीं हुआ था। कोर्ट भी इस बैनामे को खारिज कर चुका है। पुलिस याकूब कुरैशी के खिलाफ इस मामले में सुबूत जुटा रही है। दिवाली की छुट्टी होने के चलते अभी तहसील से दस्तावेज नहीं मिले है। दिवाली के बाद विवेचना आगे बढ़ाकर नामजद याकूब कुरैशी व इमरान पर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित मुजम्मिल को सुरक्षा दी
पीड़ित मुजम्मिल ने याकूब और उनके समर्थकों से जान का खतरा बताकर सुरक्षा मांगी थी। आरोप था कि उसकी हत्या हो सकती है। जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर याकूब और उनके बेटे इमरान ने गोली चलाई थी। जमीन से हटाने के लिए वह कुछ भी कर सकते हैं। पुलिस ने मुजम्मिल की सुरक्षा में एक सिपाही लगाया। पुलिस ने मुजम्मिल द्वारा लगाए सभी आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
याकूब का पुराना रिकॉर्ड खंगाला
पुलिस याकूब कुरैशी का पुराना रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। याकूब के खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी जांच भी पूरी हो चुकी है। फर्जी बैनामा कराकर करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करने के मामले के बाद पुलिस सभी मुकदमाें की फिर से जांच करने की तैयारी कर रही है। हापुड़ रोड पर याकूब कुरैशी की जमीन की फिर से पैमाइश की जा सकती है। उससे पहले हापुड़ रोड के चौड़ीकरण कार्य में भी याकूब कुरैशी की जमीन की चारदीवारी तोड़ी गई थी।