दौराला - दौराला चीनी मिल में प्रशिक्षण में जानकारी देते वैज्ञानिक। स्रोत : स्वयं
दौराला मिल में प्रशिक्षण शिविर में कर्मचारियों को गन्ना किस्मों के बारे में दिया प्रशिक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। दौराला चीनी मिल में सोमवार को कर्मचारियों का प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने कहा कि गन्ना उत्पादन बढ़ना है तो पुरानी अस्वीकृत प्रजातियों का प्रयोग बंद करें। अच्छी और स्वीकृत प्रजातियाें का प्रयोग करके ही बेहतर उत्पादन संभव है।
कार्यक्रम में गन्ना अनुसंधान केंद्र मुजफ्फरनगर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ओएस जोशीया मुख्य अतिथि रहे। डॉ. ओएस जोशीया ने किस्मों की पहचान के सूक्ष्म पहलुओं पर जानकारी देते हुए कहा कि फिल्ड स्टाफ का तकनीकी रूप से दक्ष होना अनिवार्य है, जिससे गन्ना सर्वे में पारदर्शिता आती है, साथ ही डेटा सटीक रहता है। सही किस्म की पहचान होने पर आपूर्ति, पर्ची निगर्मन की प्रक्रिया सरल हो जाती है।जिससे किसानों को भी असुविधा का सामना नहीं करना पड़ता। बताया कि मेरठ क्षेत्र में कुछ स्थानों पर पुरानी प्रजातियों के नाम पर अस्वीकृत प्रजाति भी चल रही हैं। जिन्हें हटाना क्षेत्र की गन्ना उत्पादकता बढ़ाने के लिए जरूरी है। जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने मौके पर प्रदर्शित 15 गन्ना किस्मों का अवलोकन किया और मिल के प्रशिक्षण की सराहना की। मुख्य महाप्रबंधक संजीव कुमार खाटियान, सहायक महाप्रबंधक गन्ना जेपी तोमर ने भी किसानों को जानकारी दी। इस दौरान ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक सुधीर कुमार, प्रदीप कुमार, रूपेश आदि मौजूद रहे।