बातनौर में मातम करते सोगवार। (फलावदा)
फलावदा। गांव बातनौर में जुलूस व जुलजनाह बरामद हुआ। मुहर्रम की 5 तारीख को मजलिस का आयोजन हुआ। मजलिस को खिताब मौलाना आबिद कोलकाता ने किया। मर्सियाख्वानी हसन अली, परवेज नकवी ने की। नोहाख्वानी शाहम अब्बास रिजवी, मीसम नकवी, शहजाद रजा ने की। सोगवारों ने मातम किया। अलम और जियारतों का जुलूस व जुलजनाह बरामद हुआ। सोगवारों ने इमाम हुसैन की शहादत को याद किया।
मौलाना ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे थे। उन्होंने सत्य, न्याय और अहिंसा का मार्ग अपनाया। जब यजीद की हुकूमत ने उन पर नाजायज शर्तें मनवाने का दबाव डाला तो इमाम हुसैन ने झुकने से इन्कार कर दिया। इमाम हुसैन ने इस्लाम और इंसानियत की रक्षा के लिए अपने परिवार सहित जान कुर्बान कर दी। कर्बला के मैदान में उनके काफिले में केवल 72 लोग शामिल थे। इस दौरान नायब हुसैन, शहंशाह जफर, मोहम्मद अब्बास, शाकिर अब्बास, अली मसूद, शादान रिजवी, आगाज मेहंदी, हसन अली, कौसर अब्बास, कमर अब्बास, बाकिर नकवी, मुबारिक हुसैन, अमीर हुसैन, रईस हैदर आदि लोग मौजूद रहे।