मेरठ। कोरोना संक्रमण के चलते जनता कर्फ्यू की घोषणा से लोगों में खाने-पीने की जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए मारामारी शनिवार को अपेक्षाकृत कम रही। थोक मंडियों में शुक्रवार के मुकाबले भीड़ कम दिखाई दी। वहीं, फुटकर दुकानों पर भी ऐसा ही माहौल दिखा। हालांकि सब्जी और फलों की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखाई दिया। टमाटर दस रुपये प्रतिकिलो महंगा हो गया।
बता दें कि बीते शुक्रवार को दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी में सब्जी की खरीद के लिए भीड़ उमड़ पड़ी थी। जिसके परिणामस्वरूप आलू समेत कई सब्जियां खत्म हो गई थीं। हालांकि शनिवार को ऐसा नहीं हुआ। मंडी में खरीदारों की भीड़ कम रही।
अधिक आलू पहुंचा मंडी
शुक्रवार को खरीदारों की भीड़ के मद्देनजर मंडी में शनिवार को आलू एवं अन्य सब्जियों की आवक अधिक हुई। इससे बैंगन, हरी मिर्च, फूल गोभी, गाजर, शिमला मिर्च, प्याज, लहसुन आदि अधिक रहीं। हालांकि सामान्य दिनों की तरह ही खरीददार पहुंचे।
आलू थोक में 16 रुपये तो टमाटर 40
सब्जी मंडी में शनिवार को खरीददार कम पहुंचे परंतु सब्जियों के दाम नीचे नहीं आए। मंडी में फड़ लगाकर सब्जी विक्रेताओं ने आलू थोक में 14 से 16 रुपये प्रति किलो बेचा। हालांकि फुटकर में 25 रुपये किलो बेचा। वहीं, मंडी में टमाटर की कम आवक होने से दस रुपये प्रतिकिलो महंगाई मिला। इसके चलते शनिवार को टमाटर 30 से 40 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गया। वहीं, फुटकर में 50 रुपये प्रतिकिलो तक बेचा।
सब्जी के दाम नीचे आने की उम्मीद
टमाटर को छोड़कर किसी भी सब्जी के दाम नहीं बढ़े हैं। इसके महंगा होने का कारण आवक कम होना है। दो दिन में सब्जी के दाम नीचे आने की उम्मीद है। क्योंकि लोगों ने एक सप्ताह की सब्जी जमा कर ली है।-पदम सिंह सैनी, आढ़ती नवीन सब्जी मंडी