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गोशाला और मंगतपुरम में कूड़ा प्लांट का निरीक्षण कर सकते हैं प्रमुख सचिव

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मेरठ। परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला और मंगतपुरम में लगे कूड़ा निस्तारण प्लांट का प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात रविवार को निरीक्षण कर सकते हैं। इसके चलते नगर निगम के अफसर तैयारी में लग गए हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह ने गोशाला और कूड़ा प्लांट पर तैनात कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त कर दी है। निर्देश जारी किए है कि प्रमुख सचिव के भ्रमण को देखते रात्रि में भी शहर में सफाई अभियान चलाया जाए।
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प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात 14 और 15 सितंबर को मेरठ में रहेंगे। गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा और महानगर में कूड़ा निस्तारण न होने की शिकायत लगातार लखनऊ पहुंच रही है। मेरठ शहर में टूटी सड़क, नाले ओवरफ्लो और जलभराव सहित कई समस्या को लेकर नगर निगम चर्चाओं में हैं। नगर निगम के बोर्ड बैठक में पार्षदों द्वारा अफसरों की घेराबंदी हो या फिर शहर के विकास कार्यों को लेकर व्यापारी संगठन की नाराजगी। हर मामले में निगम अफसरों की शिकायतें हो रही हैं। इसको देखते हुए प्रमुख सचिव परतापुर में गोशाला भी जा सकते है। इसके लिए निगम ने गोशाला में तैनात कर्मचारी और अधिकारियों की ड्यूटी निरस्त कर दी। इसके अलावा कूड़ा निस्तारण न होना शहर की बड़ी समस्या बना हुआ है। मंगतपुरम में कूड़े का निस्तारण करने के लिए निगम का एक कंपनी से अनुबंध हो चुका। बारिश के कारण दो महीने से कूड़ा प्लांट बंद पड़ा हुआ हैं। लोहियानगर में कूड़े का प्लांट चार महीने से बंद हैं। संभावना है कि प्रमुख सचिव मंगतपुरम स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण कर सकते हैं। कूड़ा प्लांट संचालित करने वाली कंपनी को निगम अफसरों ने चेतावनी दी कि वह अपने कर्मचारी लगाकर कूड़ा निस्तारण करे।

निगम के खिलाफ डीएम-कमिश्नर से शिकायत
मेरठ। सपा पार्षद कीर्ति घोपला, बसपा पार्षद आशीष चौधरी और आजाद समाजवादी पार्टी से भूपेंद्र पाल ने शुक्रवार को नगर निगम के अफसरों के खिलाफ कमिश्नर और डीएम कार्यालय में शिकायती पत्र दिया। पार्षदों ने बताया कि निगम की बोर्ड बैठक में विपक्ष के पार्षदों को बोलने नहीं दिया जाता। परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला में अधिकारियों ने बड़ा भ्रष्टाचार किया है। प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह को जेल भेजकर अन्य अधिकारियों को बचाया जा रहा है। गोशाला प्रकरण का मामला सदन में उठाया था। इस पर निगम अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया। अधिकारियों की मिलीभगत से निगम में भ्रष्टाचार चल रहा है। इस प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाए। पार्षद कीर्ति घोपला ने बताया कि कमिश्नरी में अपर नगर आयुक्त अमित सिंह और कलक्ट्रेट में अपर नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर गोशाला प्रकरण की जांच कराने की मांग की है।
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