किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान के लिए सपाइयों ने रविवार को छह चीनी मिलों के गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया, जो सुबह साढ़े 10 बजे से दोपहर ढाई बजे तक चला। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं, जल्द से जल्द गन्ने का भुगतान कराया जाए। इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया।
प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने भाजपा सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि भाजपा वादे पर खरी नहीं उतरी है। उन्होंने गन्ना भुगतान के लिए 14 दिन का वादा था, मगर अभी तक गन्ने का भुगतान नहीं हो सका है। प्रदेश में आर्थिक तंगी के चलते कई किसान आत्महत्या कर चुके हैं। नंगलामल शुगर मिल पर पूर्व पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह, विधायक रफीक अंसारी जिला पंचायत सदस्या और ब्लॉक प्रमुख आदि रहे। किनौनी शुगर मिल के गेट पर पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद, अमित यादव, रविंद्र प्रेमी, तस्सवुर अली, सम्राट मलिक आदि रहे। मोहिउद्दीनपुर शुगर मिल पर महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी, गन्ना समिति के चेयरमैन शशांक चौधरी, नितिन कसाना, आदिल सिद्दीकी, डॉ. कय्यूम, ताराचंद शास्त्री मौजूद रहे। सकौती शुगर मिल पर धरने में युवजन सभा जिलाध्यक्ष सैयद रिहानुद्दीन, वीर सिंह खटीक, अनीता मिलन, जावेद रुहासा आदि रहे। दौराला शुगर मिल पर गन्ना समिति चेयरमैन भूपेंद्र चौधरी, गौरव चौधरी, मंजूर मलिक, मुमताज अली आदि रहे। मवाना शुगर मिल पर पूर्व विधायक प्रभुदयाल वाल्मीकि, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान, अतुल प्रधान, कृष्णपाल यादव, सचिन गुर्जर मौजूद रहे।
यह की गई मांगें
वर्तमान में प्रदेश में गन्ना किसानों का करीब 15 हजार करोड़ रुपये चीनी मिलों पर बकाया है, भुगतान तत्काल कराया जाए।
14 दिनों में भुगतान न होने की स्थिति में ब्याज सहित गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाए।
भारत सरकार द्वारा 275 रुपये प्रति क्विंटल उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) घोषित लागत के हिसाब से कम है, इसकी दर में वृद्धि की जाए।
छह चीनी मिलों पर 863 करोड़ रुपये बकाया : सपा जिलाध्यक्ष
सपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह ने बताया कि मेरठ जिले की चीनी मिलों पर 863 करोड़ रुपये बकाया है। मवाना शुगर मिल पर 229 करोड़, दौराला मिल पर 105 करोड़, सकौती चीनी मिल पर 17 करोड़ रुपये, किनौनी चीनी मिल पर 310 करोड़ रुपये, मोहिउद्दीनपुर चीनी मिल पर 44 करोड़ रुपये और नंगलामल चीनी मिल पर 158 करोड़ रुपये बकाया हैं।