मेरठ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख पद्म सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में लड़ाई विचारों की है, हथियारों की नहीं। अपने विचारों को विजयी बनाने के लिए मर्यादा भी तय करनी होगी।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के तिलक पत्रकारिता एवं जनसंचार स्कूल और मेरठ चलचित्र सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अटल सभागार में नवांकुर फिल्म महोत्सव आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता पद्म सिंह ने कहा कि विचार करना चाहिए कि फिल्मों के माध्यम से सनातन, संस्कृति को समाज तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। फिल्मों में भारत और भारतीयता संस्कृति दिखनी चाहिए।
अध्यक्षता करते हुए चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि फिल्म बनाने के लिए बहुत पढ़ना, समाज को देखना और समझना पड़ता है। तब जाकर एक फिल्म बनती है और समाज को मेसेज देती है।
नवांकुर फिल्म महोत्सव में 20 फिल्मों दिखाई गई जिसमें 10 फिल्में 15 मिनट और 10 फिल्में 5 मिनट वाली थी। 15 मिनट श्रेणी में हैप्पी दशहरा फिलम प्रथम, गोपाल फिल्म द्वितीय और सांत्वना पुरस्कार कृष्ण दर्शन, फाइनल बेट्र, जल दंश को मिला। पांच मिनट श्रेणी में प्रथम पुरस्कार फिल्म अहिल्याबाई होलकर को, द्वितीय पुरस्कार फिल्म नोटिस : एक बेटर ट्रूथ, गुड की नगरी मुजफ्फरनगर को मिला। सांत्वना पुरस्कार को शाम तक, तीन रंग, समान को मिले। निर्णायक मंडल में सुमंत डोगरा, डॉ. दिशा दिनेश, शरद व्यास, अनीता चौधरी, बंशीधर चतुर्वेदी रहे।
इस दौरान तिलक पत्रकारिता स्कूल के निदेशक प्रो. प्रशांत कुमार, सुरेंद्र कुमार, विशिष्ट अतिथि अनीता चौधरी, डॉ. यशवेंद्र वर्मा, वीनस शर्मा, वेदव्रत आर्य, संजीव गर्ग, सुनील सिंह, पंकज शर्मा, डॉ. विवेक त्यागी, विश्वमोहन नौटियाल आदि मौजूद रहे।