मेरठ। महानगर में बीओटी के छह मार्ग और 17 चौराहों पर अनुबंध के अनुरूप काम न होने और सड़कों पर 200 से अधिक स्थानों पर अवैध होर्डिंग लगाने के बाद भी नगर निगम निर्माण विभाग के अधिकारियों ने रिपोर्ट में सबकुछ ठीक बता दिया। अब अधिकारियों को फंसता देखकर निगम के उच्चाधिकारी उसी विभाग के इंजीनियरों से बीओटी मार्ग और चौराहों की जांच कराने की तैयारी कर रहे हैं।
नगर निगम ने मई 2013 में अभिनव एडवरटाइजिंग कंपनी के डायरेक्टर सचिन चौधरी के साथ छह मार्गों के बीओटी का अनुबंध किया था, लेकिन बीओटी का पूरा काम ज्ञानेन्द्र चौधरी देखते हैं। उधर हीरा एडवरटाइजिंग को भी 17 चौराहे बीओटी पर दिए गए थे, लेकिन दोनों ही कंपनियों ने अनुबंध की शर्तों के मुताबिक काम नहीं किया। इसके बावजूद निगम अधिकारियों ने बीओटी कंपनियों के पांच साल के काम को संतोषजनक बता दिया। इसके आधार पर 2018 में उनके ठेके का नवीनीकरण कर दिया गया।
अब नगर निगम अधिकारी जांच रिपोर्ट में कार्य संतोषजनक दिखाने वाले अधिकारियों को बचाने की तैयारी कर रहे हैं। नगर निगम के चीफ इंजीनियर यशवंत सिंह उन्हीं अधिशासी अभियंता नीना सिंह के नेतृत्व में जांच टीम गठित करने की तैयारी कर रहे हैं, जिन्होंने रिपोर्ट में खेल किया था। संस्तुति रिपोर्ट में भी अधिशासी अभियंता के हस्ताक्षर हैं।