छात्र सहायता केंद्र और गोपनीय विभाग का बीएड सेक्शन खोलने की तैयारी
मेरठ। प्राथमिक विद्यालयों मेें 69 हजार शिक्षक भर्ती के मद्देनजर सीसीएसयू प्रशासन ने 18 मई से छात्र सहायता केंद्र और गोपनीय विभाग के बीएड सेक्शन को खोलने की तैयारी कर ली है। जिन अभ्यर्थियों को ओरिजनल डिग्री नहीं मिल पाएगी विश्वविद्यालय उन्हें प्रोविजनल सर्टिफिकेट देगा। विवि की इस व्यवस्था से जिन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र पूरे नहीं हैं उन्हें राहत मिलेगी।
शिक्षक भर्ती रिजल्ट में 1,46060 अभ्यर्थी पास हुए हैं। इनमें मेरठ और सहारनपुर मंडल के जिलों के अभ्यर्थियों की काफी संख्या है। सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को इस संबंध में कुलपति प्रो. एनके तनेजा से बात की गई है। अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र आदि की समस्या को देखते हुए उन्होंने 18 मई से सहायता केंद्र को खोलने की अनुमति दे दी है। विश्वविद्यालय का छात्र सहायता केंद्र और गोपनीय विभाग के बीएड सेक्शन को खोलने की तैयारी है। रजिस्ट्रार ने बताया कि बीएड की वेटिंग डिग्री के बारे में बात की जा रही है। ऐसे मेें जिन अभ्यर्थियों को ओरिजनल डिग्री नहीं मिल पाएगी उनको प्रोविजनल सर्टिफिकेट दिया जाएगा। जिससे अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग में समस्या न आए। विवि के इस फैसले से उन अभ्यथियों की मुश्किल खत्म होगी जिनके पास पूरे प्रमाणपत्र नहीं हैं।
मूल्यांकन को लेकर प्रशासन का जवाब नहीं
ओरेंज और ग्रीन जोन को लेकर मूल्यांकन कराए जाने की बाबत विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से मंडलायुक्त को पत्र लिखा जा चुका है। शासन से भी स्पष्ट आदेश हैं कि जिन जिलों में ओरेंज और ग्रीन जोन हैं वहां पर मूल्यांकन कराया जा सकता है। इसके बावजूद बृहस्पतिवार शाम तक प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया है। विवि प्रशासन का कहना है कि कुछ जरूरी कार्यों के लिए प्रशासन को छूट देनी होगी।