मेरठ। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मरीजों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग की चिंता में इजाफा होने लगा है। विभाग द्वारा होम आइसोलेशन के लिए बिना लक्षण वाले मरीजों को अनुमति दी जा रही है। वहीं, लक्षण वाले मरीजों के लिए कोविड सेंटरों में बेड की चिंता सताने लगी है। सिर्फ 300 ही बेड खाली बचे हैं। वहीं, मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती होने से मरीज बचना चाह रहे हैं।
कोरोना के मरीजों की संख्या ने सबसे ज्यादा रफ्तार सितंबर में पकड़ी है। जहां औसतन हर रोज 180 मरीज मिल रहे हैं। ऐसे में लक्षण वाले मरीजों के लिए कोविड सेंटर में आइसोलेशन को लेकर परेशानी बढ़ने लगी है। मेडिकल कॉलेज को छोड़ निजी अस्पतालों और अन्य कोविड सेंटरों का यह हाल है कि सुबह से शाम तक मशक्कत के बाद कोरोना पॉजिटिव को आइसोलेट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मेडिकल में 200, मुलायम सिंह यादव मेडिकल कॉलेज में 320, सुभारती में 440, पांचली में 200 और आनंद अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. विश्वास चौधरी का कहना है कोरोना संक्रमण को लेकर बेड बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। 5500 बेड आरक्षित किए गए हैं। हालांकि इस समय खाली बेड करीब 300 हैं। अब कई अन्य निजी अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमण के मरीजों के लिए आइसोलेशन पर तेजी से काम किया जा रहा है।