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प्रीपेड मीटर मामला : सिक्योरिटी वापस न मिलने से व्यापारी नाराज, आंदोलन की चेतावनी

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मेरठ। विद्युत विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर को प्रीपेड किए जाने के बाद पुराने मीटर की सिक्योरिटी वापस नहीं आने से व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों ने कनेक्शन कटवाने पर मीटर की सीलिंग रिपोर्ट भी नहीं देने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में उन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रीपेड मीटर लगाने के नाम पर आर्थिक उत्पीड़न किया जा रहा है। जब उपभोक्ता बिजली का एडवांस भुगतान (प्रीपेड) कर रहा है तो विभाग की ओर से पहले से जमा की गई सिक्योरिटी राशि तुरंत वापस की जानी चाहिए।
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संगठन के जिलाध्यक्ष राजकुमार त्यागी ने कहा कि जब मीटर प्रीपेड है तो मिनिमम चार्ज और फिक्स चार्ज का औचित्य नहीं रह जाता। उपभोक्ताओं से केवल उतनी ही राशि ली जानी चाहिए, जितनी बिजली उन्होंने खर्च की है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष युवा शोभित भारद्वाज ने कहा कि कनेक्शन की पीडी करवाने के बाद मीटर बदलते समय ''''सीलिंग सर्टिफिकेट'''' न देना भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है। बाद में इसी आधार पर उपभोक्ताओं पर चोरी के झूठे आरोप लगाकर भारी जुर्माना वसूला जाता है।
व्यापारी नेता सुशील जैन ने कहा कि सीलिंग रिपोर्ट में मीटर की जांच के लिए लैब का पता भी नहीं दिया जा रहा है। किसी रिपोर्ट में तो मीटर परीक्षण की तारीख भी नहीं दी जाती, इससे व्यापारी परेशान हो रहे हैं।संगठन के प्रदेश मंत्री गौरव गोयल ने कहा कि बिजली मीटर की जांच लीगल मेट्रोलॉजी विभाग द्वारा की जानी चाहिए। प्रांतीय प्रभारी विजय मान ने कहा कि विद्युत विभाग 25-30 साल पुराने पीडी कनेक्शनों की आरसी जारी कर रहा है। इसका कोई रिकॉर्ड खुद विभाग के पास नहीं है।
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उन्होंने एकमुश्त समाधान योजना को सभी श्रेणी के औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए लागू करने की भी पुरजोर वकालत की। व्यापारी नेता लोकेश अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि इन मूलभूत समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो प्रदेश का व्यापारी वर्ग आंदोलन के लिए बाध्य होगा। अब व्यापारियों को अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरना ही होगा।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें...
-प्रीपेड मीटर के साथ गारंटी कार्ड और मैनुअल अनिवार्य रूप से दिया जाए
-अघोषित बिजली कटौती बंद हो और रोस्टर सार्वजनिक किया जाए
-सोलर नेट मीटरिंग के बिलों में सुधार के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट हो
-शिकायत दर्ज करने पर ''''रिसीविंग'''' और ''''शिकायत पर्ची'''' अनिवार्य रूप से मिले
-लाइन लॉस के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।
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