अवैध संबंधों के शक में गर्भवती पत्नी की हत्या जैसी सनसनीखेज वारदात कर एक पति शुक्रवार सुबह हंसता हुआ खरखौदा थाने पहुंच गया। नए कपड़े पहने इस युवक की बात को पुलिस ने पहले तो मजाक में लिया। लेकिन बार-बार हत्या-हत्या चिल्ला रहे युवक को करीब आधा घंटे बाद पुलिस उसके घर लेकर पहुंची तो पत्नी की रक्तरंजित लाश देखकर उसके होश उड़ गए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना चाकू बरामद करते हुए हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।
मामला खरखौदा थानाक्षेत्र के कैली गांव का है। नरेंद्र पुत्र राजबल की शादी 17 जनवरी 2017 को पिंकी (22) पुत्री बाबूराम निवासी हबीसपुर, बाबूगढ हापुड़ से हुई थी। नरेंद्र करीब दो माह से गर्भवती पत्नी पर अवैध संबंधों को लेकर शक किया करता था। शुक्रवार सुबह आठ बजे नरेंद्र के पिता राजबल और मां मूर्ति खेत पर गेहूं काटने चले गए। छोटी बहन अलका स्कूल चली गई। घर में अकेली पिंकी को पहले पीटा और दुपट्टे से गला घोट दिया। उसके बाद सब्जी काटने वाले चाकू से उसकी गर्दन काट दी।
नए कपड़े पहने, खाना खाया
जेल में हंसते हुए पहुंचा हत्यारा पति
हत्या के बाद नरेंद्र ने खून से सने कपड़े बदलकर नए कपड़े पहने। इत्मिनान से खाना खाया और फिर साइकिल से सुबह नौ बजे खरखौदा थाने पहुंच गया। नरेंद्र ने हंसते हुए पुलिस से कहा कि उसने अपनी पत्नी हत्या कर दी। उसके कपड़े भी साफ थे और वह हंस रहा था। इसके चलते पुलिस को उसकी बातों पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन बार-बार पत्नी की हत्या करने की बात कह रहे नरेंद्र को पुलिस शक होने पर उसे लेकर कैली गांव में पहुंची। पिंकी की लाश देख पुलिस भी दंग रह गई।
हवालात में भी हंसता रहा
पुलिस ने आरोपी नरेंद्र को गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया। नरेंद्र हवालात में भी हंसते हुए कहता रहा कि उसे पत्नी की हत्या का कोई पछतावा नहीं।
तूने तो दो जान ले लीं
थाने पहुंचे नरेंद्र के परिजनों ने उसे खरीखोटी सुनाते हुए कहा कि तूने एक नहीं दो जानें ली हैं। तुझे भगवान भी माफ नहीं करेगा। पिंकी के पिता बाबूराम ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
परिवार पर टूटा गम का पहाड़
पत्नी की धारदार हथियार से हत्या
राजबल मूल निवासी कुआंखेड़ा परीक्षितगढ़ के निवासी हैं। 20 साल पहले वह गांव छोड़कर मोदीनगर चले गए थे। राजबल के तीन बेटों में जितेंद्र की दो साल पहले संदिग्ध हालत में जबकि अमित की पांच साल पहले हादसे में मौत हो गई थी। कैली में ही राजबल की बहन भी रहती थी। इसके चलते राजबल पत्नी, बेटी अलका और बेटे नरेंद्र के साथ करीब पांच साल पहले कैली गांव में आकर रहने लगे थे। पहले दो बेटों की मौत और अब तीसरा बेटा पुत्रवधू की हत्या में जेल चला गया। जिसको लेकर परिवार पर गम का पहाड़ टूट गया है।
एक सप्ताह से कर रहा था इंतजार
पुलिस के मुताबिक नरेंद्र ने बताया कि उसे शक था कि पिंकी के पेट में उसका बच्चा नहीं है। वह एक सप्ताह से पिंकी की हत्या करने का प्रयास कर रहा था। वह रोजाना सोचता था कि घर पर जिस दिन पिंकी अकेली होगी, तभी वह उसे मार डालेगा।
पति की सेवा करती थी पिंकी
पिंकी के पिता बाबूराम ने बताया कि उसकी बेटी पिंकी बहुत हंसमुख और समझदार थी। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर ग्रामीणों के सहयोग से उसकी शादी नरेंद्र से धूमधाम से की गई थी। नरेंद्र मानसिक रूप से अस्वस्थ रहता था। करीब 10 साल पहले उसका दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में इलाज कराया गया था। पिंकी तो पति की खूब सेवा करती थी। उसे कोई कष्ट नहीं उठाने देती थी।