यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में मंसूरपुर क्षेत्र के गांव नरा निवासी ससुराल वालों की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर करीब छह माह की गर्भवती महिला जान बचाने के लिए किसी तरह घर से निकल गई। खेतों के रास्ते नेशनल हाईवे पर पहुंची गर्भवती को बदहवास हालत में देख एक महिला राहगीर ने उसे नई मंडी कोतवाली पहुंचाया, जहां पीड़िता ने ससुराल पक्ष पर दो दिन से भूखा-प्यासा रखकर लगातार मारपीट करने का आरोप लगाया। पुलिस ने महिला के शेरनगर निवासी परिजनों को थाने बुलाकर पीड़िता को उनके सुपुर्द कर दिया।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव शेरनगर निवासी अंजुम पुत्री यूसुफ की शादी करीब एक साल पूर्व मंसूरपुर के गांव नरा निवासी युवक से हुई थी। शनिवार दोपहर करीब एक बजे एक महिला अंजुम को लेकर नई मंडी थाने पहुंची, जहां बदहवासी की स्थिति में पीड़िता ने खुद को छह माह की गर्भवती बताते हुए ससुराल द्वारा ढाए जा रहेजुल्म की जानकारी दी। रोती-बिलखती व बदहवास महिला ने पूछताछ में बताया कि फिलहाल वह करीब छह माह की गर्भवती है, जिसके साथ ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मारपीट की जाती है। पीड़िता के पिछले दो दिन से उसे भूखा-प्यासा रखकर लगातार मारपीट की जा रही है। शनिवार को किसी तरह वह ससुराल से निकल गई और पति व अन्य लोगों से बचती हुई खेतों के रास्ते हाईवे पर पहुंची। वहां उसकी हालत देख एक फैक्ट्री कर्मचारी ने उसे किराया देकर डग्गामार वैन में मुजफ्फरनगर के लिए बैठा दिया। उसी वैन में बैठी एक महिला राहगीर ने उसकी हालत देख पूछताछ की और उसकी आपबीती जानकर उसे लेकर सीधे नई मंडी कोतवाली पहुंचकर पीड़िता को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पीड़िता के गांव शेरनगर निवासी परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद वे थाने पहुंचकर उसे अपने साथ ले गए।