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अमर उजाला पड़ताल: अमीरों को बांट दिए गरीबों के आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा

Sat, 05 Jan 2019 11:37 AM IST
Dimple Sirohi राजकुमार सैनी, अमर उजाला, मेरठ
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प्रधानमंत्री आवास योजना
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तकरीबन हर योजना की तरह प्रधानमंत्री आवास योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। योजना में प्रधानमंत्री की मंशा गरीबों को आवास मुहैया करने की थी, लेकिन योजना के तहत कई होटल मालिक, कार मालिक, बड़े किसान, बहुमंजिले भवन स्वामियों ने मकान हथिया लिये। यहां तक कि इन लोगों को आवास बनाने के लिए पहली किश्त भी जारी हो गई। योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत प्रशासन से कई बार की जा चुकी है, लेकिन शिकायतों को गरीबों के आवेदनों की तरह रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया।
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शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने मेरठ में नगर निगम के वार्ड 38 में पड़ने वाले गांव खड़ौली में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे आवास और भवन स्वामियों की पड़ताल की। धरातल पर सरकारी मकान और भवन स्वामियों की आर्थिक स्थिति की जो जानकारी मिली, वह चौकाने वाली थी। यहां कई ऐसे परिवारों ने सांठगांठ करके मकान स्वीकृत करा लिए, जिनके पास पहले से ही बहुमंजिले घर हैं। वार्ड में 245 परिवारों ने मकान के लिए आवेदन किया था। इनमें से काफी के मकानों पर काम चल रहा है। 

नगर निगम के वार्ड 38 में गलत तरीके से बनवा दिए एक दर्जन मकान 
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नूर मोहम्मद पुत्र छोटन का मकान मकान भी दो मंजिला बना है। देखने से ही नहीं लगता कि यह कोई गरीब परिवार है। इनके मकान पर महिला मिली, लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि मकान में पहले से ही पत्थर लगे हैं। 

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत डूडा ने जन्नत पत्नी गफ्फार का मकान बनाया है। बाहर डूडा का पत्थर भी लगा है। जब बेगम जन्नत से उनके मकान और परिवार के सदस्यों के संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि गुड़गांव में बच्चों का होटल है। आगे जो सरकार से मकान बना है, उसमें वह स्वयं रहती हैं। पिछले हिस्से में बेटे रहते हैं। इनका मकान दो मंजिला है। 

आखिर कौन है नवाब
खड़ौली में प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान स्वीकृत कराने का ठेका लेने वाले नवाब का नाम सुर्खियों में है। बताया जा रहा है कि उसने पहले अपना मकान बनवाया। उसके बाद तो वह अधिकारी व जनता के बीच का माध्यम बन गया। लोगों ने बताया कि जो भी 20 हजार रुपये खर्च करता है, उसका मकान स्वीकृत हो जाता है।  

इन्होंने लिया लाभ
गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने वाले दस-पांच परिवार नहीं बल्कि 100 से अधिक परिवार हैं। ग्रामीणों ने बताया कि दीनू के पास खुद का मकान है। लेकिन योजना का लाभ लेने के लिए इन्होंने खाली प्लाट में मकान की नींव रख दी है। तोसीफ, जुल्फिकार, उसमान, निसार आदि के परिवार भी गरीब नहीं हैं। रामपुर पावटी में एक परिवार ऐसा भी है जिसका मकान डूडा ने सरकारी जमीन पर ही पास कर दिया। 
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ये है प्रधानमंत्री आवास योजना
-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिसके पास मकान नहीं है, लेकिन खाली भूमि है। उसको मकान बनाने के लिए ढाई लाख रुपये दिए जाएंगे। 
-सरकारी नक्शे के अनुसार ही बनाना होगा आवास।
-आवेदन करता को शपथ पत्र, आय प्रमाण पत्र, प्लाट का फोटो देना होगा। 

हमारे वार्ड में 100 से भी अधिक मकान ऐसे लोगों के बनाए जा रहे हैं, जिनके घरों में पहले से मारबल लगे हैं और बड़े कारोबारी हैं। गांव का व्यक्ति 20 हजार लेकर मकान पास कराता है। -रेनू, पार्षद, वार्ड 38

सभी जांच रिपोर्ट के बाद ही डूडा पहली किश्त जारी करता है। अगर कहीं पर गलत तथ्यों के आधार पर योजना का लाभ लिया गया है तो उसकी रिकवरी कराई जाएगी। -आशीष गौड़, पीओ डूडा 
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