- शनि जयंती पर मंदिरों में शनिदेव के साथ हुआ बजरंग बली का गुणगान
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। वट सावित्री व्रत एवं शनि जयंती पर शुक्रवार को घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने पति की दीर्घायु और सुख समृद्धि की कामना करते हुए व्रत रखा। विधि विधान से वट वृक्ष की पूजा की कई। महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा की और परिवार की खुशहाली की मन्नत मांगी।
शनि जयंती के उपलक्ष्य में शहर के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक कार्यक्रम किए गए। वेस्टर्न रोड स्थित शनि देव मंदिर में महामंडलेश्वर महेंद्र दास महाराज ने पूजन एवं हवन किया। मंदिर में सुबह सात बजे तेल अभिषेक के साथ पूजा प्रारंभ हुई। शाम को भंडारा लगाया गया। रात में वाद्य यंत्रों के साथ शनिदेव का गुणगान किया गया। कार्यक्रम में सचिन, नितिन, जतिन, देवेंद्र, विनय, रिंकू सहित अन्य का सहयोग रहा।
सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहर नाथ मंदिर में महामंडलेश्वर नीलिमानंद जी महाराज के निर्देशन में सुंदरकांड का पाठ किया गया। इस दौरान बजरंग बाण एवं हनुमान अष्टक का भी पाठ हुआ। शाम को खीर का प्रसाद वितरित किया गया। दीपक गोयल ने भंडारे का आयोजन किया। कुणाल शास्त्री सहित अन्य श्रद्धालुओं ने हनुमान जी को चोला चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में शीला, सरल, उमेश ठाकुर, बिना सहित अन्य मौजूद रहे।
महाआरती के बाद किया हवन
- शनि धूना मंदिर बजाजा बाजार में शनि अमावस्या पर सुबह शनि देव का स्नान पंचामृत से किया गया। पूजन प्रतीक जैन, चेतन माहेश्वरी, भारत दुआ ने किया। मंत्रोच्चारण आचार्य दीपक शास्त्री ने किया। भंडारे के बाद महाआरती हुई। इसके बाद लाल मिर्च का हवन किया गया। इस अवसर दीपक शर्मा, नितिन जैन, विकास, मनोज, विपिन अग्रवाल आदि रहे। दिल्ली रोड स्थित बाबा ज्वाला गिरी श्री पंचम दशनाम जूना अखाड़ा मंदिर में शनि अमावस्या पर बाबा का स्नान हुआ। मंदिर के महंत तरुण गिरी ने बताया कि पहले 16 कन्याओं का पूजन हुआ। बाद में महाआरती और प्रसाद वितरण हुआ।
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इन मंदिरों में भी हुए अनुष्ठान
- बुढ़ाना गेट भूतेश्वरनाथ मंदिर में पंडित दीपक शर्मा और पंडित विवेक शर्मा ने पूजन किया। वैदवाड़ा शनिधाम मंदिर, सूरजकुंड स्पोर्ट्स मार्केट शनिदेव मंदिर में भी पूजन, भजन, भंडारा हुआ। बच्चा पार्क स्थित शनि मंदिर में राकेश सोडियाल ने पूजन किया। शिवाजी रोड स्थित मंदिर में दिनेश शर्मा ने पूजन किया। साकेत, शर्मानगर, कंकरखेड़ा, गंगानगर, जेल चुंगी सहित अन्य मंदिरों में भी विधिविधान से पूजन कराया गया।