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होने वाला था बच्चा, मेडिकल कॉलेज में वार्ड से बाहर निकाल दिया

Sat, 24 Sep 2016 02:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरों
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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 पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान मेडिकल कॉलेज की दहलीज पर शुक्रवार को एक महिला प्रसव पीड़ा के बीच चीखती चिल्लाती रही। पति उसे वार्ड में छोड़कर फरार हो गया तो मेडिकल कालेज के स्टाफ ने उसे गायनी वार्ड से निकाल दिया। महिला जैसे-तैसे वार्ड से बाहर आई तो उसे पैरों की जान निकल गई। भयंकर प्रसव पीड़ा से महिला घंटों तक पर्चा काउंटर के बाहर पड़ी कराहती रही। वहां मौजूद पुलिसकर्मी किनारा कर गए तो मेडिकल कालेज का स्टाफ भी दायें बायें हो गया। अमर उजाला टीम ने ऐसे समय में सीएमएस और पीआरओ को जानकारी देकर महिला को भर्ती कराया। करीब 45 मिनट बाद महिला ने गायनी वार्ड में ही बच्ची को जन्म दिया।
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सिस्टम पर बड़ा सवाल
यह घटना जहां सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करती है तो जिम्मेदार मेडिकल कॉलेज स्टाफ की मर रही संवेदनाओं को भी उजागर करती है। दरअसल सराय काजी निवासी किशन ने अपनी पत्नी लता (25) का मेडिकल कालेज के गायनी वार्ड में चेकअप कराया था। लता ने बताया कि 14 सितंबर को चेकअप के बाद उसे वार्ड में ही भर्ती कर लिया गया था। जहां उसका डॉ. कृति दूबे के परामर्श से इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह उसका पति अचानक से बिना किसी सूचना के गायब हो गया। उसके बाद दोपहर में उसे वार्ड के स्टाफ ने उसकी हालत को नजरअंदाज करते हुए बाहर निकाल दिया।

मर गई सरकारी संवेदना
लता को प्रसव पीड़ा हो रही थी। वह दर्द से चिल्लाती किसी तरह पर्चा काउंटर के पास पहुंची थी कि अचानक से प्रसव पीड़ा ज्यादा बढ़ गई। उसके पैरों में जैसे जान ही नहीं रही। वह वहीं कराहती हुई गिर पड़ी। इस दौरान पर्चा काउंटर बंद था। लेकिन वहीं बराबर का एक कमरा खुला था, जिसमें मेडिकल कालेज के कुछ कर्मचारी बैठे थे। लेकिन दर्द से कराहती लता पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसी बीच वहां से गुजर रही कुछ महिलाओं ने फर्श पर दरी बिछाकर उसे लिटा दिया। इस दौरान एक महिला सिपाही भी हालचाल जानने के लिए पहुंची। लेकिन उसकी मदद करने के बजाय वहां से निकल गई।
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अमर उजाला ने आगे बढ़कर की मदद
इस दौरान वहां पहुंची ‘अमर उजाला टीम’ की नजर महिला पर पड़ी तो सामाजिक सरोकारों को निभाते हुए इसकी सूचना तत्काल सीएमएस डॉ. विभु साहनी और पीआरओ डॉ. दिनेश राणा के अलावा आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ को दी गई। इसके बाद हरकत में आए मेडिकल कालेज प्रशासन और आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ की मदद से महिला को गायनी वार्ड में भर्ती कराया गया। आशा ज्योति केंद्र ने बताया कि प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला ने भर्ती होने के करीब पौने घंटे बाद बेटी को जन्म दिया है। जच्चा व बच्चा दोनों का स्वास्थ्य सही है। वहीं प्रसव होने के करीब एक घंटे बाद महिला का पति भी मेडिकल कालेज पहुंच गया।
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