फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: खेल विश्वविद्यालय के निर्माण में पावरग्रिड ने जताई सुरक्षा चिंता

विज्ञापन
विज्ञापन
- बिना एनओसी कार्य रोकने को लिखा पत्र
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना (मेरठ)। क्षेत्र के गांव सलावा में निर्माणाधीन मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे भवन निर्माण कार्य को लेकर पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने सुरक्षा संबंधी आपत्तियां जताई हैं।
पावर ग्रिड के महाप्रबंधक राघवेंद्र सिंह ने कुलसचिव, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग, जिलाधिकारी और सरधना उपजिलाधिकारी को पत्र भेजकर 800 केवी एचवीडीसी चंपा-कुरुक्षेत्र ट्रांसमिशन लाइन के टावर संख्या-3179 के निकट बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के कराए जा रहे निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित कराने की मांग की है। पावर ग्रिड की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि विश्वविद्यालय परिसर में खेल मैदान के निर्माण और भूमि समतलीकरण के दौरान टावर के आसपास बड़े पैमाने पर मिट्टी का भराव किया जा रहा है।
विज्ञापन

इससे टावर के निचले हिस्से मिट्टी में दब रहे हैं, जिसके कारण लोहे के हिस्सों में जंग लगने और टावर की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इससे भविष्य में ट्रांसमिशन लाइन ट्रिप होने या किसी बड़े हादसे की आशंका भी जताई गई है। पत्र में कहा गया कि राष्ट्रीय महत्व की 800 केवी एचवीडीसी ट्रांसमिशन लाइन के राइट ऑफ वे क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभाग या कार्यदायी संस्था ने पावर ग्रिड से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त नहीं किया, जबकि यह अनिवार्य प्रक्रिया है।
पावर ग्रिड ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि टावर पर मिट्टी डालने का कार्य तत्काल बंद कराया जाए, टावर के निचले हिस्सों के चारों ओर पावरग्रिड के इंजीनियरों की निगरानी में निर्धारित मानकों के अनुरूप कंक्रीटिंग कराई जाए और उसके बाद ही भूमि समतलीकरण किया जाए।
विज्ञापन

पावरग्रिड से एनओसी प्राप्त करने की प्रक्रिया भी तत्काल पूरी की जाए। पत्र में चेतावनी दी कि 800 केवी की अति उच्च दाब लाइन राष्ट्रीय संपत्ति है और इसकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही जान-माल के साथ विद्युत आपूर्ति के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें