निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का आर-पार की लड़ाई का एलान
मेरठ। निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया। उन्होंने पांच अक्तूबर से हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है। सरकार की सख्ती के खिलाफ कर्मचारियों ने जेलभरो आंदोलन की भी तैयारी कर ली है। इसके लिए बृहस्पतिवार को 500 कर्मचारियों ने फार्म भरकर एकजुटता का परिचय दिया। वहीं, सरकार ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय को वैकल्पिक व्यवस्था कर आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी डिस्कॉम के तीन चरणों में निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ प्रदेश के बिजलीकर्मियों ने ताल ठोक रखी है। जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बाद पिछले कई दिन से दोपहर दो से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर ऊर्जा भवन पर धरना दिया जा रहा है। वहीं, अब कर्मचारियों की केंद्रीय समिति ने आरपार की लड़ाई के लिए तैयार रहने का निर्णय कर पांच अक्तूबर से हड़ताल का एलान कर दिया है। वहीं, सरकार ने भी हड़ताल से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय को विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों से बिजली आपूर्ति और अनुरक्षण कार्य के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के साथ जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। विद्युत सुरक्षा निदेशालय उत्तर प्रदेश के निदेशक भवानी सिंह खंगारौत ने इस आशय के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के मुख्य सचिव ने भी हालात से निपटने की समीक्षा की है। यूपीपीसीएल चेयरमैन और प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार ने भी प्रदेश की सभी डिस्कॉम के एमडी के साथ शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हालात का जायजा लिया। दूसरी तरफ बृहस्पतिवार को भी बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मियों ने रोजाना की तरह दोपहर दो से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर ऊर्जा भवन पर धरना दिया। यहां दिलमणी प्रसाद थपलियाल ने बताया कि करीब 500 कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन के लिए फार्म भरे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकार के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।