सरधना। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कई मोहल्लों और गांवों की बिजली गुल हो गई। आंधी-पानी के कारण भी कई जगहों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। फीडरों पर बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए कर्मचारी नहीं मिल रहे। बिजली आपूर्ति दुरुस्त रखने के लिए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। जिसके तहत दूसरे विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई।
बिजली कार्यालय परिसर में विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का पिछले चार दिनों से धरना-प्रदर्शन जारी है। बिजली कर्मियों की हड़ताल का असर सड़कों पर दिखने लगा है। क्षेत्र के सरधना नगर, भूनी, कक्केपुर, गोटका, मढि़याई, रामपुर मोती, दुर्जनपुर, नारंगपुर दर्जनों फीडर ऐसे हैं जहां से बिजली की आपूर्ति बाधित हो रही है। जिससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित होता दिख रहा है। बिजली विभाग के कर्मचारी इसके लिए पूरी तरह से सरकार को जिम्मेदार मान रहे हैं। कई मोहल्लों में लोगों को पानी के संकट से जूझना पड़ रहा है। लोग नलों का सहारा लेते नजर आए।
एसडीएम पंकज प्रकाश राठौर ने वैकल्पिक व्यवस्था करवा कर आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास शुरू करवा दिए। देर शाम बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई थी।