मेरठ। सोमवार रात करीब 9 बजे कैंट स्टेशन 10 मिनट तक अंधेरे में डूबा रहा। ऐसे में स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्री सहमे रहे। हर कोई अपने परिवार और सामान की सुरक्षा में लगा रहा। कारण बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से बिजली में व्यवधान आया था।
स्टेशन से गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस में सवार हुए यात्रियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर-तीन पर भी अंधेरा छाया था। बिजली आने के बाद भी इस प्लेटफॉर्म पर असुविधा रही। कैंट स्टेशन पर अधिकतर ट्रेनों को प्लेटफॉर्म नंबर-तीन से ही गुजारा जाता है। यहां अंधेरा होने से यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गनीमत रही कि बिजली गुल होने से कोई हादसा नहीं हुआ। स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में दर्जनों यात्री थे।
स्टेशन पर नही ऑटो जेनरेटर
कैंट स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि यहां ऑटो जेनरेटर की व्यवस्था नहीं है। सिटी स्टेशन पर बिजली जाने के बाद तुरंत जेनरेटर चल जाता है। लेकिन यहां जेनरेटर चलाना पड़ता है। जेनरेटर चलाने के लिए बिजली कर्मचारी भी मौजूद नहीं रहता। इस काम में ट्यूबवेल ऑपरेटर को लगाया है। जो कैंट स्टेशन के यार्ड में तैनात है। वहां से आने में करीब पांच मिनट लग जाता है।
ए-श्रेणी के स्टेशन पर अव्यवस्था
सिटी और कैंट ए-श्रेणी के स्टेशन हैं। इन पर यात्री सुविधाओं को बेहतर किए जाने पर जोर देना चाहिए। संवेदनशील स्टेशनों में आने वाले कैंट स्टेशन की इस तरह से बिजली गुल होना रेल प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहा है।