मेरठ। पीवीवीएनएल के एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कोरोना काल में उपभोक्ताओं को बढ़े बिजली बिल मिलने की शिकायतों का निपटारा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी के सभी अधिशासी अभियंता अपने क्षेत्र में लॉकडाउन में भेजे गए औसत बिल और बाद में भेजे गए मीटर आधारित बिलों के अंतर को ठीक कर उपभोक्ताओं को राहत दें।
पीवीवीएनएल ने लॉकडाउन के चलते दो महीने तक उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग आधारित बिल की बजाय तीन महीने के बिलों के आधार पर औसत बिल बनाकर भेजे थे। इसके बाद मीटर रीडिंग आधारित बिल बनाए गए तो वर्तमान रीडिंग के साथ औसत बिल में छूटी रीडिंग भी जोड़ दी गई। इससे बढ़ी रीडिंग के चलते उपभोक्ताओं को बढ़ी टैरिफ दरों से बने बिल मिले तो विभाग में शिकायतों के अंबार लग गए। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को इस मामले को प्रमुखता से छापा तो एमडी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने अधिकारियों के पेच कैसे। उन्होंने कंपनी के सभी अधीक्षण अभियंताओं से इस बाबत जानकारी ली और उन्हें क्षेत्र के सभी गलत बिलों को संशोधित कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने गर्मी में बिजली कटौती की शिकायतों पर भी कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली आपूर्ति करने के निर्देश दिए।