गांव भैंसा में लगे मकान बिकाऊ व पलायन के पोस्टर
मवाना। गांव भैंसा में प्रधान पद की मतगणना में एक बूथ की 492 वोटों को निरस्त किए जाने के मामले में कहीं कोई सुनवाई नहीं होने से दलित समाज के लोगों ने अपने मकानों पर मकान बिकाऊ तथा पलायन के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। इस संबंध में प्रधान पद के प्रत्याशी श्रवण सहित कई लोगों ने सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की है।
गांव भैंसा में प्रधान पद के प्रत्याशी श्रवण कुमार ने बताया कि गांव के वार्ड नं. 10 की वोट बूथ नं. 160 पर पड़ी थी। इस बूथ पर सबसे अधिक दलित समाज की वोट थी। जिसको दूसरे पक्ष ने सत्ता का दवाब बनाकर पूरे बूथ की वोटों को निरस्त करा दिया तथा मतगणना के दौरान ही पुलिस को बुलाकर मतगणना स्थल से उसको उठाकर थाने ले जाकर बंद करा दिया। जब उनकी वोट ही यहां नहीं गिनी जाएंगी तो समाज के लोग यहां रहकर क्या करेंगे।
दलित समाज के लोगों ने अपने मकानों पर मकान बिकाऊ तथा पलायन के पोस्टर लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पोलिंग पार्टी भी रात को दूसरे पक्ष के यहां रुकी थी, जिसकी शिकायत अधिकारियों से की थी। लेकिन किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। मंगलवार को भी जिलाधिकारी के यहां शिकायत करने गए थे, लेकिन वहां कोई नहीं मिला न ही किसी ने उनकी शिकायत सुनी। उन्होंने कहा कि उन्होंने सीएम पोर्टल पर शिकायत करते हुए वार्ड नं. 10 बूथ नं. 160 का निष्पक्ष मतदान दोबारा कराए जाने की मांग की है। क्योंकि हार जीत में मात्र 76 वोटों का अंतर है।
वहीं इस संबंध में उपजिलाधिकारी कमलेश गोयल का कहना है कि मतगणना में अव्यवस्था फैलाने का प्रयास करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। जिस कारण दवाब बनाने के लिए इस प्रकार का कार्य इन लोगों द्वारा किया जा रहा है।