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शोध में खुलासा : चिंता व अवसाद के साथ प्रजनन क्षमता पर विपरीत असर डाल रहा कोरोना संक्रमण

Mon, 31 May 2021 07:33 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

महामारी के कारण होने वाला तनाव, चिंता और अवसाद भी यौन रोग का कारण बन रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण प्रजनन क्षमताओं पर भी विपरीत असर डाल रहा है। हाल ही में मेरठ में कुछ मरीजों पर चल रहे शोध में अब तक यह बात सामने आई है। ऐसे ही तीन मरीज शहर के एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. सुनील जिंदल के क्लीनिक पर आए हैं। ये मरीज पहले कोरोना संक्रमण की चपेट में आए और अब इन्हें प्रजनन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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डॉ. जिंदल ने बताया कि महामारी के करीब एक साल में हम अभी भी संक्रमण के दीर्घकालिक प्रभावों के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर पिछले एक साल से शोध चल रहा है।

अभी तक शोध में पता चला है कि कोरोना व्यक्ति के शरीर के अधिकतर हिस्सों पर असर डाल रहा है। इसी तरह पुरुषों के यौन और प्रजनन स्वास्थ्य पर भी प्रभाव पड़ रहा है। कोरोना से रक्त की आपूर्ति अवरुद्ध या संकुचित हो रही है। 
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चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने के बाद लोग डर, चिता और तनाव के ज्यादा शिकार हो रहे हैं, जिससे उनके शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं।

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महामारी के कारण होने वाले तनाव, चिंता और अवसाद भी यौन रोग का कारण बन रहा है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि ऐसी स्थिति स्थायी रहेगी या अस्थायी। अभी तक कोरोना से रक्त के थक्के, तंत्रिका संबंधी परेशानी, हृदय, फेफड़े, गुर्दे को नुकसान के साथ ही प्रजनन स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव के मामले सामने आए हैं। 
 
हालांकि शहर के साथ-साथ अब देहात क्षेत्रों में भी कोरोना संक्रमण कम होने लगा है। रविवार को कुछ राहत नजर आई। शहर में जहां 84 लोग कोरोना पाॅजिटिव पाए गए, वहीं देहात में 2241 लोगों की जांच की, जिनमें 26 पॉजिटिव मिले। इनमें एक को एंटीजन में और 25 को आरटीपीसीआर में पुष्टि हुई।

देहात में 809 एक्टिव केस हैं। 174 को मेडिकल किट बांटी गई।  जिले में 247 गांव हैं, जहां कोरोना के मरीज हैं, जबकि 331 गांव हैं जहां कोरोना मरीज नहीं हैं।  देहात क्षेत्रों में टीकाकरण भी बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के मुकाबले देहात के बूथों पर ज्यादा टीकाकरण हो रहा है।
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