बहोड़पुर के जंगल स्थित फर्नेस आयल प्लांट में बुधवार रात ट्रायल के दौरान हो गया था गैस रिसाव
एसडीएम को मवाना कस्बे में करना पड़ा था अलर्ट जारी
अमर उजाला ब्यूरो
मवाना। गांव बहोडूपुर के जंगल स्थित फर्नेस आयल प्लांट के ट्रायल के दौरान गैस लीक होने के मामले में प्रदूषण विभाग की टीम शुक्रवार को फैक्टरी पहुंची तथा आधा घंटा इंतजार के बाद भी फैक्टरी मालिक नहीं पहुंचा तो टीम लौट गई। प्रदूषण विभाग के एई आरके सिंह का कहना है कि गैस लीक होने के मामले में फैक्टरी मालिक को नोटिस दिया जा रहा है।
गांव बहोडूपुर के जंगल में फर्नेस आयल प्लांट स्थित है। इस फैक्टरी का बुधवार देर रात ट्रायल किया गया था। इस दौरान गैस लीक होने से मवाना में हड़कंप का माहौल हो गया था। लोगों को पहले लगा था कि उनके घरों के गैस सिलेंडर लीक हुए हैं, लेकिन बाद में घरों में सब कुछ ठीक मिलने के बाद अधिकारियों से गैस रिसाव की जानकारी दी गई थी।
जिस पर अधिकारियों ने नगर की गैस एजेंसी के गोदामों में पहुंचकर जांच की थी, लेकिन वहां भी सब कुछ ठीक मिला था। पुलिस बृहस्पतिवार को जानकारी मिलने पर गांव बहोडूपुर के जंगल में पहुंची थी। वहां जानकारी मिली थी फैक्टरी के ट्रायल के दौरान गैस रिसाव होने से यह सब कुछ हुआ था। इस मामले में पुलिस ने फैक्टरी मालिक को कागजात दिखाने के लिए कहा था। थाना प्रभारी विनय कुमार आजाद अनुसार फैक्टरी मालिक ने कोई कागजात उनको नहीं दिखाए हैं।
वहीं, उपजिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव के आदेश पर प्रदूषण विभाग के सहायक अभियंता आरके सिंह शुक्रवार दोपहर में फैक्टरी पहुंचे। टीम ने मशीनों की जांच की तथा मजदूरों से जानकारी ली। वहीं, फैक्टरी मालिक को फोन कर बुलाया। हालांकि वह आधा घंटा बीतने तक भी नहीं पहुंचा। इस पर कागजात लेकर मेरठ पहुंचने के निर्देश दिए। वहीं, सहायक अभियंता आरके सिंह का कहना है कि फैक्टरी मालिक को नोटिस भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि फैक्टरी मालिक के पास एनओसी नहीं है। बिना एनओसी फैक्टरी का संचालन करना गैरकानूनी है। उनका कहना है कि ट्रायल के दौरान मिथेन गैस लीक हुई थी। हवा के रुख के साथ वह मवाना तक पहुंची थी। उनका कहना था कि यदि इसी प्रकार प्रदूषण फैलाया गया तो फैक्टरी बंद करा दी जाएगी। वहीं, कागजात दिखाने की बाबत उनका कहना था कि बाद में फैक्टरी मालिक ने उनको व्हाट्स एप पर कागजात भेज दिए थे।
टैंकर मौके से गायब
पुलिस छापे के दौरान फैक्टरी परिसर में एक आयल कंपनी का टैंकर खड़ा मिला था। इस बाबत न तो पुलिस ने और न ही स्थानीय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। जिसका नतीजा रहा कि आज जब प्रदूषण विभाग की टीम वहां पहुंची तो वह टैंकर वहां नहीं था।