शामली। दिवाली पर आतिशबाजी से वायु प्रदूषण बढ़ गया है। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 145 रहा। वायु प्रदूषण बढ़ने से आंखों में जलन और मरीजों को सांस लेने में परेशानी हुई। चिकित्सकों ने वायु प्रदूषण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दिवाली के त्योहार पर बृहस्पतिवार और शुक्रवार रात को जमकर आतिशबाजी हुई और पटाखे जलाए गए। पटाखों का धुआं आंखों में लगने से लोगों को जलन की समस्या बनी और सांस के रोगियों को परेशानी हुई।
सुबह के समय भी आसमान में कोहरा सा छाया रहा। हालांकि इसे वायु प्रदूषण का असर मान रहे हैं। दिन में चटक धूप निकली और शाम को फिर से धुआं छा गया। जिले का एक्यूआई 145 रहा। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि पटाखों व आतिशबाजी से प्रदूषण बढ़ता है। ऐसे में लोगों को फेस मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलना चाहिए। आंखों पर चश्मा लगाना चाहिए।
अगर आंखों में जलन या लाल होती है तो साफ पानी से धोना चाहिए। बुजुर्बों, बच्चों और सांस के रोगियों को घर में ही रहना चाहिए। सांस के मरीज अगर पहले से दवा ले रहे है तो उसे नियमित रूप से लेते रहे।