मेरठ। वाहनों के प्रदूषण जांच शुल्क दरें बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को मेरठ पीयूसी आपरेटरर्स यूनियन ने सांकेतिक हड़ताल का निर्णय लिया है। आज किसी भी सेंटर पर वाहनों की प्रदूषण जांच नहीं होगी।
यूनियन अध्यक्ष मनोज पांडेय ने बताया कि जब से सरकार ने वाहनों के प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया आनलाइन की है, तब से पीयूसी आपरेटरों का खर्च कई गुना बढ़ गया है। आपरेटरों ने पहले तो करीब एक लाख रुपये खर्च कर आनलाइन प्रक्रिया अपनाने के लिए मशीन और कंप्यूटर आदि की व्यवस्था की। अब पेट्रोल पंप मालिकों ने भी किराया बढ़ा दिया है। इसके चलते आपरेटरों ने प्रदेश सरकार से प्रदूषण जांच शुल्क दरें बढ़ाने की मांग को लेकर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। पांडेय ने बताया कि वर्तमान में टू व्हीलर की जांच के लिए 30 रुपये, फोर व्हीलर पेट्रोल के लिए 40 रुपये और डीजल वाहन के लिए 50 रुपये लिए जा रहे हैं। आपरेटरों की मांग इस फीस को बढ़ाकर 200, 250 और 300 रुपये करने की है।