फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। जिला पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। वे इसे विधानसभा चुनाव से पहले ट्रायल के तौर पर ले रहे हैं। इसमें प्रमुख पार्टियां जहां अपनी ताकत का आंकलन करेंगी। वहीं, क्षेत्रीय पार्टियां गठबंधन की रणनीति पर चल रही हैं।
विज्ञापन

चुनाव चिह्न पर जिला पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी है। इससे सभी दलों को विधानसभा चुनाव से पहले ताकत दिखाने का मौका मिलेगा। जिला पंचायत सदस्य का चुनाव मिनी विधानसभा चुनाव की तरह होता है। इसमें एक दर्जन से ज्यादा गांवों के मतदाता प्रतिनिधि चुनते हैं।
भाजपा पंचायत चुनाव में जोरशोर से उतरने का एलान कर चुकी है। वहीं, सपा और बसपा भी चुनाव में उतरने का दावा कर रही हैं। रालोद नेतृत्व ने भी पंचायत चुनाव लड़ने के लिए हरी झंडी दे दी है। इनके बीच नया दल आजाद समाज पार्टी भी पंचायत चुनाव में उतरेगा। रालोद और आजाद समाज पार्टी अपनी ताकत का अहसास कराने के लिए मैदान में डटी हैं। इसके पीछे दोनों ही विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन की चाह रखते हैं। ऐसे में जो भी बेहतर प्रदर्शन करेगा, वह उतने ही दबाव के साथ गठबंधन कर सकेगा।
विज्ञापन

आजाद समाज पार्टी को लेकर सपा और बसपा में खलबली है। बुलंदशहर विधानसभा उपचुनाव में असपा पहले ही बसपा को झटका दे चुकी है। अब असपा ने गांव-गांव में नुक्कड़ सभाओं का दौर शुरू कर दिया है। इनमें मुख्य रूप से मुस्लिम और दलितों को जोड़ा जा रहा है। एक तरफ जहां मुस्लिम मतदाताओं को आजम खां पर हो रही कार्रवाई में सपा की चुप्पी को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ दलितों को दलित आंदोलन समेत अन्य मुद्दों पर साधा जा रहा है।
दूसरी तरफ रालोद किसान आंदोलन के दौर में जाट समेत अन्य किसानों को साधते हुए पंचायत चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरने की तैयारी में है। वहीं, भाजपा, सपा और बसपा संगठनात्मक ढांचे पर विश्वास करते हुए पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटी हैं।
72 गांव संवेदनशील श्रेणी में रखे
मेरठ। पंचायत चुनाव के मद्देनजर करीब 85 फीसदी निवर्तमान प्रधान व पूर्व प्रधान मुचलका पाबंद किए जा चुके हैं। वहीं, अब बवाली गांवों की सूची पुलिस द्वारा तैयार की जा रही है। अभी तक 72 गांवों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
2011 से लेकर सभी प्रकार के चुनावों में बवाल की घटना, आचार संहिता उल्लंघन, अवैध शराब की बिक्री, चुनाव के दौरान हत्याओं का एसपी देहात ने थाना प्रभारियों से रिकॉर्ड मांगा है। जिसमें सीओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर गांवों की सूची तैयार की जाए। कितने लोगों पर अपराध दर्ज हैं। चुनाव के दौरान मुकदमे की स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है।
परीक्षितगढ़ ब्लॉक के गांव ललियाना, शौंदत, अगवानपुर, खटकी, छुछाई, बौंद्रा, रामनगर, ऐंची, धनपुर, तोफापुर संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। वहीं, मवाना के भैंसा, पहाड़पुर, सांधन भी संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। सरधना ब्लॉक के रार्धना, कपसाड़, छबड़िया, कुलंजन, झिटकरी, टेहरकी, पिठलोकर मुख्य हैं। रोहटा ब्लॉक के अधिकतर गांव संवेदनशील की श्रेणी में रखे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें