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सरधना में पूरे रंग में सियासी जंग

Mon, 02 May 2016 02:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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अतुल प्रधान और संगीत सोम। - फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव में अभी थोड़ा समय जरूर है, पर सरधना में सियासी जंग पूरे रंग में आ गई है। सपा और बसपा ने प्रत्याशी घोषित किये तो दूसरे दल संगठन स्तर पर मजबूत तैयारियों में जुटे हैं। इन सियासी कसरतों के बीच सरधना विधानसभा सुर्खियों में है।
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पहले सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान ने विधायक संगीत सोम के गांव में कार्यक्रम किया। इसके बाद शनिवार रात अतुल प्रधान के गांव गड़ीना में संगीत सोम ने रात्रि विश्राम किया। बात सभा तक ही नहीं रही, बल्कि संगीत सोम ने ग्राम प्रधान को अपने पाले में ले लिया। हालांकि, इसके जवाब में अतुल ने भी संगीत सोम के कार्यक्रम के दौरान ही अपने गांव गड़ीना में सभा की। इस दौरान ही उन्होंने संगीत सोम के गांव फरीदपुर में तीन मई को सभा करने का एलान कर दिया। क्षेत्र की जनता ऐसा पहली बार देख रही है, जब दोनों नेता एक-दूसरे को चुनौती देते हुए गृह गांव में धावा बोल रहे हैं।

शनिवार को भाजपा विधायक संगीत सोम ने अतुल प्रधान के पैतृक गांव गड़ीना में रात्रि विश्राम किया। इसकी घोषणा वह पहले से कर चुके थे। इसके बाद अतुल ने आनन-फानन में अपने गांव में रागिनी का कार्यक्रम तय किया और एक ही गांव में दोनों नेता जम गए। विधायक संगीत सोम का ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों ने न सिर्फ स्वागत किया, बल्कि भाजपा भी ज्वाइन की। सीधे तौर पर देखा जाये तो जिस गड़ीना गांव में वर्ष-2012 में संगीत सोम को मात्र एक वोट मिला था, वहां उन्होंने सीधे बड़ी सेंध लगाने में कामयाबी हासिल कर ली है।
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देखा जाये तो यह पैंतरा पहले अतुल प्रधान ने चला था। अतुल प्रधान ने 21 मार्च को संगीत सोम के पैतृक गांव फरीदपुर और 23 मार्च को पड़ोसी गांव खेड़ा में सभा की थी। इसमें उन्होंने संगीत सोम को चुनौती देते हुए कहा था कि लाइन पार (रेलवे लाइन के पास गुर्जर बहुल ग्राम हैं) के एक  भी गांव में संगीत सोम सभा करके दिखा दें। इस चुनौती को स्वीकारते हुए सोम ने अतुल के गांव में ही रात्रि विश्राम का कार्यक्रम कर सियासी जंग आगे बढ़ा दी। सोम समर्थकों का दावा है कि यह कार्यक्रम काफी सफल रहा।

अब फरीदपुर में आमना-सामना
अब इस जंग में एक कदम आगे बढ़ते हुए अतुल प्रधान ने तीन मई को संगीत सोम के गांव फरीदपुर में रात्रि विश्राम का कार्यक्रम तय कर दिया है। फरीदपुर में होने वाले इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रधान, बीडीसी, पूर्व प्रधान समेत अन्य स्थानीय नेताओं को निमंत्रित किया गया है। ऐसे में तय है कि सियासी जंग यहां तेज हो गई है। लेकिन, इस सियासी जंग में जिस तरह दोनों पक्ष एक-दूसरे के क्षेत्र में घुस रहे हैं, उससे टकराव की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

चुनाव में प्रभाव दिखाने की मंशा
दरअसल, दोनों नेता इन सभाओं से अपने-अपने फायदे का अंदाजा लगा रहे हैं। संगीत सोम खेमा जहां अपनी बढ़ी हुई ताकत को दिखाना चाहता है तो वहीं अतुल समर्थक सीधे सोम को टक्कर देने की बात कह रहे हैं। इससे अतुल प्रधान खेमा एकमुश्त मुस्लिम वोट पाने की उम्मीद रख रहा है तो दोनों ही गुट अपने को बड़ा दिखाकर गैर बिरादरी के वोट बैंक पर भी निगाह लगाए हुए हैं।

वर्जन
मैं विधायक होने के नाते अपने क्षेत्र के ग्राम गड़ीना में रात्रि विश्राम कर समस्याएं सुनने गया था। विधायक किसी एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र का होता है। मुझे भले ही गड़ीना से एक वोट मिला हो, लेकिन वह मेरे क्षेत्र में है तो वहां की जनता भी मेरी है। उनकी समस्या और सुख-दुख जानने का मुझे हक है। मैं इसीलिए वहां गया था। अब कोई दूसरा नेता फरीदपुर या कहीं भी जाए, उसके लिए वह स्वतंत्र है। इस पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है। 
-ठा. संगीत सोम, विधायक सरधना

फरीदपुर में बड़ा कार्यक्रम किया जाएगा। क्षेत्र के कई गांवों के प्रधान, पूर्व प्रधान, बीडीसी और ब्लॉक प्रमुख मौजूद रहेंगे। मैंने क्षेत्र में काफी विकास कराया है। पहले विधायक के गांव में कार्यक्रम सफल रहा था और अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधि गांव में एकत्र होंगे। विधायक को यह बताना चाहिए कि उन्होंने क्षेत्र में कितना काम किया है।
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- अतुल प्रधान, सपा प्रत्याशी
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