सरूरपुर। मेरठ करनाल हाइवे पर स्थित भूनी टोल प्लाजा। संवाद
सरूरपुर। मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित भूनी टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों का पुलिस ने सत्यापन किया। पुलिस ने कंपनी के सभी कर्मचारियों के आधार कार्ड लिए। उनकी स्थानीय थाने से भी जानकारी जुटाई जा रही है। किसी भी आपराधिक घटना में शामिल कर्मचारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
17 अगस्त को गांव गोटका निवासी सेना के जवान कपिल के साथ हुई मारपीट के बाद से भूनी टोल प्लाजा सुर्खियों में बना हुआ है। कपिल के साथ मारपीट के बाद अगले दिन आक्रोशित ग्रामीणों ने टोल पर धरना-प्रदर्शन करते हुए तोड़फोड़ की थी। इस मामले में पुलिस ने जवान के साथ मारपीट करने वाले आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था। ग्रामीणों द्वारा धरना दिए जाने के दौरान सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम व भाजपा जिला अध्यक्ष शिवकुमार राणा ने भी मौके पर पहुंचकर धरने को अपना समर्थन दिया था। जबकि सेना के जवान के साथ मारपीट के मामले में एनएचएआई ने मैसर्स धर्म सिंह कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ठेका निरस्त करते हुए 20 लाख रुपये जुर्माना और 3.70 करोड़ की धरोहर राशि जब्त की थी। साथ ही ग्रामीणों की मांग कि भूनी टोल पर किसी स्थानीय कर्मचारी को नहीं रखा जाए और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि न हो। इस सहमति पर धरना समाप्त हुआ था।
सोमवार को थाना पुलिस ने टोल संचालन की नई कंपनी सूर्या इंटरनेशनल के सभी कर्मचारियों का सत्यापन किया। थाना प्रभारी अजय शुक्ला ने बताया कि कंपनी के टोल पर तैनात कर्मचारियों की स्थानीय थानों से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि कर्मचारी आपराधिक मामले में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ एनएचएआई को रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी। फिलहाल टोल पर कोई भी स्थानीय कर्मचारी तैनात नहीं है।