शहर सराफा के कागजी बाजार में बाइक सवार चार बदमाशों ने कासगंज के सराफ के बैग से दिनदहाड़े छह लाख के जेवर और नगदी लूट ली। खुद को पुलिसकर्मी बताकर इन बदमाशों ने उसके बैग की तलाशी और वारदात के बाद उसे धक्का देकर फरार हो गए। इनमें से दो बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। वहीं, इस घटना से सराफ इतना दहशत में आ गया कि सामने नहीं आया। स्थानीय सराफा व्यवसायियों ने वारदात के विरोध में बाजार बंद करते हुए पुलिस का घेराव कर दिया।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के मंत्री विजय आनंद अग्रवाल के अनुसार कासगंज का यह व्यापारी बुधवार सुबह करीब 9:45 बजे सराफा बाजार में अपने व्यापार के सिलसिले में आया था। कागजी बाजार मोड़ पर वह एक हलवाई के यहां कचौड़ी खा रहा था। जब वह पानी पीने के लिए टंकी के पास गया तो पुलिस की वर्दी पहने एक बदमाश ने उसके कंधे पर हाथ मारकर कहा कि चलो चेकिंग चल रही है। साहब बुला रहे हैं। बदमाश सराफ को गली के मोड़ पर एक साइड में ले गया। जहां पहले से ही खड़े तीन बदमाशों ने उसे घेर लिया और उसकी तलाशी लेनी शुरू कर दी।
चार बदमाशों ने खुद को पुलिस वाला बताकर उसकी तलाशी लेकर उसके बैग से 6 लाख के जेवर और नगदी निकाल ली। विरोध करने पर धक्का देकर मौके से फरार हो गए। येे पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। घटना के बाद सराफा व्यापारियों की भीड़ जुट गई। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, महामंत्री अरुण वशिष्ठ, मंत्री सरदार दलजीत सिंह, मेरठ बुलियन ट्रेडर्स के अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल, महामंत्री सर्वेश सराफ, सोना चांदी व्यापार संघ से संतकुमार वर्मा, विकास रस्तोगी, मनीष, सतीश आदि मौके पर पहुंच गए। दहशत की वजह से पीड़ित सराफ ने अपना नाम तक किसी को नहीं बताया और चुपचाप बिना किसी पुलिस कार्रवाई के वहां से चला गया। सूचना पर सीओ कोतवाली और एसओ देहली गेट मौके पर पहुंचे। गुस्साए सराफा व्यापारियों ने लूट का केस दर्ज करने और बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए बाजार बंद करने की घोषणा कर दी।
फुटेज देखते ही बैकफुट पर पुलिस
सराफा व्यापारियों ने बताया कि पुलिस पहले इस घटना को संदिग्ध मानती रही। लेकिन जब उन्हें हलवाई की दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाई, तो घटना होना मानकर पुलिस बैकफुट पर आ गई।
पहले भी हुईं घटनाएं, बताओ क्या किया
पुलिस अफसरों ने हंगामा कर रहे सराफा व्यापारियों से कहा कि पीड़ित सराफ को बुलाओ। जब तक पीड़ित नहीं आएगा पुलिस क्या करेगी। इस पर व्यापारी भड़क गए। कहा कि पुलिस से व्यापारियों का भरोसा उठ गया है। कुछ समय पहले बरेली के व्यापारी से लाखों का सोना ठगा था, रिपोर्ट भी लिखवाई लेकिन आज तक बदमाश नहीं पकडे़ गए। पुलिस उस घटना को ही फर्जी बताती रही। इससे पहले भी कई घटनाएं हुई हैं। इसी तरह का गैंग बाजार में वारदात कर रहा है। सभी घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज भी दी गई। लेकिन आज तक बदमाश नहीं पकड़े गए । इसी वजह से पुलिस से व्यापारियों का भरोसा उठ रहा है।
सराफ की हुई मुखबिरी
व्यापारियों के अनुसार बदमाशों की संख्या पांच से छह हो सकती है, क्योंकि दो-तीन अन्य युवक वहां खडे़ सराफ की निगरानी कर रहे थे। इनमें एक ने मुंह पर रुमाल बांधा हुआ था, जो लोकल मुखबिर हो सकता है, जिसने पहचान के डर से चेहरा छिपाया हुआ था।