मेरठ/मोदीपुरम। विजयदशमी पर जिले और शहर में कई जगह बच्चों के पैसे जमा करके बनाए गए रावण के पुतले को दहन करने पर पुलिस ने रोक लगा दी। कुछ पुतले गिराकर फाड़ दिए गए। लालकुर्ती क्षेत्र में इस कार्रवाई से आक्रोशित क्षेत्र के लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं ने पुलिस पर योगी सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाया। पल्लवपुरम क्षेत्र में सोशल मीडिया पर इस पर विरोध जताया।
पुलिस ने कई थाना क्षेत्रों में बिना अनुमति और सुरक्षा के इंतजाम पुतला दहन नहीं होने दिया। लालकुर्ती के छोटा बाजार में भाजपा नेता मन्नू लाल के कार्यालय के सामने खड़े किए गए करीब दस फीट के रावण के पुतले को पब्लिक के विरोध के बीच गिराकर फाड़ दिया। इसके बाद टीम जामुन मोहल्ला टंकी के पास पहुंची। यहां लगभग 25 फीट ऊंचे रावण के पुतले और पांच फीट ऊंचे मेघनाद के पुतले को गिराने लगी तो वहां मौजूद बच्चे रोने लगे।
पुलिस ने उनकी बात अनसुनी कर दी और पुतले गिराकर फाड़ दिए। इससे महिलाएं आक्रोशित हो गई। उन्होंने पुलिस को खरी-खरी सुनाई। पल्लवपुरम फेज-दो स्थित उदय पार्क काॅलोनी में पांच वर्ष पूर्व बड़े दशहरा मेला और पुतला दहन होता था, जिसकी अनुमति भी ली जाती थी। अब पिछले दो साल से काॅलोनी के लोग और छात्र चंदा कर चार-पांच फीट के पुतले का दहन करते रहे हैं।
इस बार पुलिस रिपोर्ट में उदय पार्क काॅलोनी के लिए अनुमति नहीं दी। उदय पार्क सोसाइटी के अध्यक्ष जसवीर सिंह तोमर ने बताया कि शनिवार सुबह एसओ पल्लवपुरम ने फोन कर कहा कि कॉलोनी में इस बार कोई पुतला दहन नहीं होगा। इस बात पर नाराजगी जताते हुए जसवीर सिंह तोमर ने सोशल मीडिया पर अपनी काॅलोनी के लोगों को जानकारी दे दी। इससे लोगों में रोष व्याप्त है। पल्हैड़ा निवासी विहिप नेता शीलेंद्र चौहान ने भी कहा कि क्षेत्र में सालों से सौ से अधिक पुतला दहन होते रहे हैं। मगर इस बार पहली बार पुतला दहन पर रोक लगाई है। हिंदू जागरण मंच के पूर्व महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही का कहना है कि पुतले दहन पर रोक लगाकर भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पुतला दहन के लिए लोगों को अनुमति लेने और आग बुझाने के इंतजाम करने को कहा गया था। जिन लोगों ने पुलिस से अनुमति ली और आग से सुरक्षा के इंतजाम किए, वहां पुतला दहन नहीं रोका गया।