मेरठ में शुक्रवार दोपहर 3:00 बजे का समय। टीपी नगर थाना क्षेत्र के संत विहार कॉलोनी में बैरिकेडिंग के पास सिपाही भोला चौधरी गली में नजर आए, जबकि अंदर पूरी गली सुनसान पड़ी थी। सिपाही ने बताया कि दिन में दो घरों में बैरिकेडिंग तक आवश्यकता अनुसार दूध पहुंचाया गया। जबकि एक महिला ने सब्जी के लिए मांग की थी।
कुछ लोगों ने अनुरोध किया है कि वह अपनी गली में निकल सकते हैं तो उन्हें निकलने दिया जाए। लेकिन पुलिस ने कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश है, यहां से बाहर निकलने की 11 जनवरी तक कोई अनुमति नहीं है। कंटेनमेंट जोन में संत विहार में 22 घर हैं। यहां के लोग 11 जनवरी तक बाहर नहीं जा सकते हैं। एक महिला ने बताया कि ऐसे तो हम घर में ही कैद रहेंगे।
वहीं, टीपी नगर थाना क्षेत्र के मानसरोवर गार्डन में सिपाही राजीव कुमार और रविंद्र बैरिकेडिंग के पास मिले। पास में ही टीपी नगर थाने की फैंटम पुलिस भी थी। कुछ देर पहले ही यहां से एसओ टीपी नगर विजय गुप्ता बैरिकेडिंग देखकर निकले थे। यह दूसरा इलाका भी कंटेनमेंट जोन में है। यहां के निवासी अमित कुमार ने बताया कि नए साल पर बाहर जाने का परिवार के साथ मन था। लेकिन पुलिस ने बाहर नहीं जाने दिया।
नहीं हुआ सैनिटाइजेशन
कोरोना के नए स्ट्रेन को देखते हुए जहां अलर्ट है, और लंदन से आने वाले चार लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इनमें मानसरोवर गार्डन निवासी 28 वर्षीय युवती लंदन से आई थी। वहींख् संत विहार निवासी दंपती और इनकी ढाई साल की बच्ची पॉजिटिव निकली।
बच्ची में नए वायरस की पुष्टि केंद्रीय लैब दिल्ली से हुई, लेकिन यहां नगर निगम की तरफ से सैनिटाइजेशन नहीं कराया गया है। जबकि लोगों का कहना है कि कंटेनमेंट जोन में गलियों में छिड़काव व सैनिटाइजेशन जरूरी था। लेकिन पुलिस के अलावा अन्य कोई भी विभाग के कर्मचारी, अधिकारी नहीं पहुंचे। ये दोनों कॉलोनी 11 जनवरी तक सील हैं। मानसरोवर गार्डन में 21 परिवार हैं।