मोहित जाटव के समझौते का दावा करने के बाद न्यायालय पहुंचे किसान नेता दिग्विजय भाटी
निवर्तमान एसएसपी, सिविल लाइन थाना प्रभारी समेत 12 पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एसएसपी ऑफिस में पिटाई और एसओजी (स्वाट) दफ्तर में पिटाई कर खलनायक फिल्म के गीत पर नचवाने का मामला न्यायालय पहुंच गया है। किसान नेता दिग्विजय भाटी ने निलंबित निरीक्षक व अन्य पुलिसकर्मियों पर पत्नी को बंधक बनाने, जबरन कचहरी ले जाने और स्टांप पेपर आदि पर हस्ताक्षर कराने का आरोप लगाया है।
उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मेरठ से पूर्व एसएसपी अविनाश पांडेय, निलंबित किए गए तत्कालीन सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड़ समेत 12 नामजद व अन्य पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। कोर्ट में इस मामले में 29 सितंबर को सुनवाई होगी।
भाकियू आंबेडकर के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय भाटी और उनके साथी मोहित जाटव ने आईपीएस अविनाश पांडेय और निरीक्षक अखिलेश गौड़ पर पिटाई करने और नचवाने का आरोप लगाया था।
दिग्विजय और मोहित जाटव का आरोप था कि 19 अगस्त को वह एसएसपी कार्यालय में गए थे। इस दौरान उन्हें पीटा गया। इसके बाद उन्हें एक वाहन से पुलिस लाइन स्थित एसओजी (स्वाट) कार्यालय भेजा गया। यहां इंस्पेक्टर अखिलेश गौड़ व अन्य पुलिसकर्मियों ने उन्हें पीटा और खलनायक फिल्म के गाने पर नचवाया था।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीजी भानु भास्कर ने निरीक्षक अखिलेश गौड़ को निलंबित कर दिया था और जांच डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह को सौंपी थी। इससे पहले सिविल लाइन के थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। अभी इस मामले की जांच पूरी नहीं हुई थी कि मोहित जाटव ने दावा किया था कि दिग्विजय भाटी ने इस मामले में पुलिस से समझौता कर लिया है और उन्होंने इस संबंध में शपथ-पत्र भी दिया है। इसके बाद दिग्विजय भाटी पर लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह की टिप्पणी करने लगे थे। इसके बाद दिग्विजय भाटी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पत्नी को सहारनपुर ले जाकर बंधक बनाने का आरोप
दिग्विजय भाटी का आरोप है कि 7 सितंबर 2026 को सादा कपड़ों में आए पुलिसकर्मी उसे जबरन एक वकील के चेंबर में ले गए। उन्होंने एनकाउंटर और बुलडोजर का डर दिखाकर स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। 17 सितंबर को पुलिसकर्मी उन्हें और उनकी पत्नी को कार से सहारनपुर ले गए। वहां छह पुलिसकर्मियों ने उनकी पत्नी को डीआईजी ऑफिस के पास बंधक बनाकर रखा। वहीं, दिग्विजय भाटी को एक पुलिसकर्मी डीआईजी कार्यालय में ले गया। यहां उनसे कुछ कागजात पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों से जान को खतरा बताया है। उन्हें बदनाम करने के लिए फर्जी ऑडियो क्लिप का सहारा लिया जा रहा है।
इनके खिलाफ की कार्रवाई की मांग
दिग्विजय भाटी ने अविनाश पांडेय (पूर्व एसएसपी मेरठ), अजयदीप (एसएसपी पीआरओ), अखिलेश गौड़ ( निलंबित इंस्पेक्टर पूर्व प्रभारी सिविल लाइन मेरठ), मुलायम सिंह (सब इंस्पेक्टर), सिपाही श्याम बाबू, हरिओम, मुकेश, सुमित, ललित कुमार, विजय, विशाल, मनीष शर्मा, और अन्य 5-6 अन्य पुलिसकर्मी के खिलाफ न्यायालय से प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
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इस मामले में डीआईजी सहारनपुर जांच कर रहे हैं। उन्हें सभी पक्षों के बयान दर्ज करने और घटनास्थल का मुआयन कर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर इस मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
भानु भास्कर, एडीजी मेरठ जोन