कमांडो की पत्नी ने सीआरपीएफ कमांडेंट को फोन पर मामले की जानकारी दी। कमांडेंट ने गृहमंत्रालय को अवगत कराया। इसके बाद गृहमंत्रालय ने कमांडो की पत्नी व बेटे को दिल्ली बुलाया। शनिवार को जैसे ही गृहमंत्रालय ने आईबी से पूरे प्रकरण में रिपोर्ट मांगी तो पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। आईबी की टीम ने पूरे प्रकरण में गोपनीय ढंग से जानकारी की।
आईजी ने एसपी सिटी को किया तलब
सपा नेता सम्राट मलिक शनिवार सुबह कमांडो के परिजनों और 40-50 पड़ोस के लोगों को लेकर आईजी आलोक सिंह से मिले। कमांडो की पत्नी मंजू सांगवान ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद आईजी ने एसपी सिटी डॉ. एएन को तलब कर लिया। आईजी ने कहा कि पुलिस को निष्पक्षता रखनी चाहिए। जो जवान देश की सीमाओं पर तैनात हैं, उन्हें अपने विभाग से अधिक अहम समझना चाहिए।
सस्पेंड दरोगा सुनील कुमार मौके पर क्यों था, वीडियो के आधार पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की। जिस थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराया वहीं से जांच क्यों कराई जा रही है। पुलिस ने कमांडो पर तीन मुकदमे किन हालत में दर्ज किए। आधी रात को कमांडो के घर पर दबिश देने कौन कौन गये।
सच्चाई के लिए अमर उजाला का धन्यवाद
सीआपीएफ कमांडो सतेंद्र सिंह के दूसरे भाई भी रांची में सीआरपीएफ के स्पेशल कमांडो हैं। सतेंद्र सिंह त्रिपुरा, जम्मू, झारखंड में कई बड़े ऑपरेशन में शामिल रहे हैं। शनिवार को सतेंद्र सिंह ने कहा कि मैं निर्दोष था। पुलिस ने मुझे पीटा, मेरी लाइसेंसी पिस्टल घर से बरामद की और मेरे परिवार को भी पीटा। मुझे साजिशन जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला ने जो सच्चाई प्रकाशित की है, उसके लिए धन्यवाद। 26 अगस्त को छुट्टी खत्म कर जम्मू जाना है। पूरे प्रकारण के बारे में अपने कमांडेंट व अन्य अफसरों को बताऊंगा।
सभी आरोपियों पर दर्ज कराऊंगा केस: संदीप पहल
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ संदीप पहल ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने कमांडो सतेंद्र सिंह के साथ गुंडई की है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पूरे प्रकरण में इंस्पेक्टर मेडिकल प्रशांत मिश्रा, एसएसआई पिंकी देशवाल, शास्त्रीनगर के ब्लॉक चौकी इंचार्ज, जितेंद्र कुमार और निलंबित दरोगा सुनील कुमार व अन्य पुलिसकर्मी दोषी हैं।
सभी पर मुकदमा दर्ज हो और उनको बर्खास्त किया जाए। नहीं तो न्यायालय की शरण लेनी पड़ेगी। कमांडो को पुलिस ने हवालात में किस आधार पर बंद किया, इसका पुलिस से जबाव मांगा जाएगा। जब कमांडो मोबाइल लूट में दोषी था तो पुलिस ने मोबाइल लूट की धारा क्यों हटाई। पुलिस ने अपराधी बनाया तो आखिर रात में कैसे जमानत मिल गई। ऐसे में पुलिस की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने नहीं कराया मेडिकल
कमांडो सतेंद्र सिंह ने जेल से रिहा होने के बाद बताया कि पुलिस ने मेरा कोई मेडिकल नहीं कराया था। पुलिस ने रात में हवालात में बंद कर मेरे कपड़ों पर शराब बिखेरी थी। मुझसे सादा कागजों पर अंगूठा लगवाया था। जब पुलिस ने मेरा मेडिकल ही नहीं कराया तो अल्कोहल की पुष्टि कैसे हो गई।