अब करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा करने के मामले में उनका नाम फिर सुर्खियों में आया है। उन्होंने हापुड़ रोड पर सरकारी जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। जोकि हाल में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मुक्त हुआ। इससे पहले याकूब विवादों में घिरे रहे।
बसपा में मंत्री केबाद कई लोगों ने जमीन पर कब्जे करने के आरोप भी लगाए। जिनके मुकदमे दर्ज हुए। हाल ही लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पर भी टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। घंटाघर पर 2012 में चुनाव के दौरान एसीएम से अभद्रता की थी।
खतरा बता मांगी सुरक्षा
पीड़ित मुजम्मिल और उसके परिवार ने जान का खतरा बताकर पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा मांगी है। कहा कि पूर्व मंत्री और उनका बेटा किसी भी हद तक जा सकते हैं। करोड़ों की जमीन के लिए गोलियां चलाकर हत्या करने का प्रयास कर चुके हैं। पुलिस ने नामजद केस दर्ज किया है, लेकिन गिरफ्तार नहीं कर रही है। मुजम्मिल का कहना कि अधिकारियों ने सुरक्षा मुहैया करने का भरोसा किया है।
बैनामा फर्जी निकला, तब हुई रिपोर्ट
पीड़ित मुजम्मिल का कहना कि कोर्ट ने बैनामा को फर्जी करार दे दिया है। उसके बाद ही पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। सवाल उठता है कि आखिर अब पुलिस को किसका इंतजार है, क्या इस बार भी याकूब कुरैशी और उनका बेटा इमरान पुलिस को मैनेज करने में सफल हो जाएंगे। गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही।
पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
अब हापुड़ रोड पर 4050 मीटर जमीन का फर्जी बैनामा करके कब्जा करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पर जानलेवा हमला तक किया गया। नामजद मुकदमा दर्ज करने के बावजूद भी पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी और उसके बेटे इमरान को पुलिस गिरफ्तार करने की जहमत नहीं उठा रही। इसको लेकर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रही है। पुलिस ने अभी तक आरोपी पिता-पुत्र की तलाश में दबिश तक नहीं दी।
हंटरवाली बेटी
याकूब के साथ उनका परिवार भी जबतब सुर्खियां बटोरता रहा है। उनकी बेटी ने वेस्ट एंड रोड स्थित एमपीएस स्कूल में जाकर बच्चों पर हंटर चला दिया था। इसे लेकर भी शहर में खूब बखेड़ा हुआ था।