पुलिस कस्टडी में बदमाशों की मौजमस्ती का सिलसिला बदस्तूर जारी है। कुख्यात सारिक को दिल्ली अस्पताल में ले जाने के बहाने मेरठ पुलिस का मुरादनगर के ढाबे में खातिरदारी और शूटरों से मीटिंग कराने का मामला ठंडा भी हुआ नहीं था कि आगरा पुलिस की भी पोल खुल गई। सोमवार को आगरा पुलिस एक बदमाश को सहारनपुर कोर्ट में ले जाने की बजाय मेरठ शहर के पॉश आबूलेन बाजार में शॉपिंग कराने पहुंच गई। मीडिया के पहुंचते पुलिसकर्मी बदमाश को वहां से लेकर भागने लगे।
आगरा पुलिस लाइन से चार पुलिसकर्मी जेल से बंदी साकिब को सहारनपुर की कोर्ट में पेशी पर लेकर जा रहे थे। पुलिसकर्मी सहारनपुर ले जाने की बजाय बंदी को आबूलेन के बाजार में लेकर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने बंदी के हाथ से हथकड़ी खोल दी। उन्होेंने पहले गोलगप्पे और चाट पकौड़ी खाई। उसके बाद पुलिसकर्मियों ने एक शोरूम में बंदी को शॉपिंग कराई। पुलिस और बंदी की दोस्ती व्यापारियों ने भी देखी। इसी दौरान एक दुकानदार ने पुलिस को सूचना दे दी। लेकिन पुलिस से पहले मीडिया वहां पहुंच गई। मीडियाकर्मियों ने बंदी और पुलिसकर्मियों को कैमरे में कैद किया तो अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने कैमरे की फ्लैश चमकते ही बंदी के हाथ में हथकड़ी लगाई और शोरूम से निकलकर सहारनपुर के लिए रवाना हो गए। पुलिसकर्मियों ने बताया कि बंदी साकिब पर लूट, अपहरण समेत कई संगीन मामले चल रहे हैं।
वीआईपी की तरह की शॉपिंग
ब्रांडेड शर्ट, जींस और शूज पहने बंदी ने शोरूम में वीआईपी की तरह शॉपिंग की। पुलिसकर्मी इस बंदी के इस कदर दबाव में दिखे कि उसकी हथकड़ी तक खोल दी। पुलिसकर्मी बंदी के इशारों पर काम कर रहे थे। लग तो ऐसा रहा था कि जैसे हथियारबंद पुलिसकर्मी किसी बड़े अफसर को शॉपिंग कराने आए हैं। यही नहीं, आबूलेन में बंदी ने खूब चहलकदमी की। मीडिया के पहुंचने पर लोगों को पता चला कि वह कोई वीआईपी नहीं था, बल्कि आगरा जेल का एक बंदी था। जिसके बाद व्यापारियों ने बंदी को हथकड़ी लगाकर जाते देखा तो आश्चर्यचकित रह गए।