मेरठ। परतापुर पुलिस की लापरवाही शनिवार शाम फिर उजागर हुई। लॉकडाउन के बावजूद एक प्रेमी युगल दिनभर क्षेत्र में घूमता रहा। इसके बावजूद पुलिस की नजर उस पर नहीं पड़ी। ये रात में करीब आठ बजे परतापुर चौराहे पर घूम रहे थे। पुलिस गश्त के दौरान उनसे पूछताछ की तथा बिना कार्रवाई किए टेंपो में बैठाकर मोदीनगर के लिए रवाना कर दिया।
मोदीनगर की एक कॉलोनी निवासी युवक-युवती के बीच कई माह से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। युवती को गर्भवती हो जाने की जानकारी हुई तो दोनों परिजनों के डर की वजह से घर से भाग निकले। ये रात में परतापुर चौराहे पर पैदल घूम रहे थे। इसी दौरान गश्त पर निकले पुलिसकर्मियों ने इनसे जानकारी ली। उन्होंने प्रेमी युगल की जानकारी इंस्पेक्टर परतापुर को दी। इससे पहले मामला तूल पकड़ता पुलिस में पीछा छुड़ाने के लिए दोनों को टेंपो में बैठाकर चुपचाप मोदीनगर के लिए रवाना कर दिया। सवाल उठता है कि पुलिस संवेदनशील मामलों में भी गंभीर नहीं है। उसने युवती के परिजनों को जानकारी देना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे हालात में यदि उससे अनहोनी हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। बता दें कि चार दिन पहले परतापुर में प्रिया और उसकी बेटी कशिश का कंकाल बरामद हुआ था। प्रिया की दोस्ती मोदीनगर में दूसरे वर्ग के शमशाद से हुई थी। उसने खुद को अमित गुर्जर बताया था। वहीं, बाद में प्रिया एवं उसकी बेटी की हत्या कर दी। शनिवार रात मिला प्रेमी युगल भी मोदीनगर का था। हालांकि पुलिस ने बिना जांच किए उसे चलता कर दिया। उधर, सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि पुलिसकर्मियों ने ठीक से पूछताछ नहीं की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।