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पुलिस की पाठशाला: परेशानी में डरें या घबराएं नहीं, बस बताएं, जेल में होंगे आरोपी

Sat, 01 Sep 2018 09:29 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से स्कूली बच्चों के मन से पुलिस का डर निकालने व उन्हें उनके अधिकारों व पुलिस कार्यप्रणाली की जानकारी देने के लिए डीएवी इंटर कॉलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। एसपी सिटी ओमबीर सिंह ने बच्चों को एक परिवार का उदाहरण देते हुए उन्हें समाज की मुखिया के रूप में निभाई जाने वाली पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। 

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शहर के आर्यसमाज रोड स्थित डीएवी इंटर कॉलेज में आयोजित की गई पुलिस की पाठशाला में एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने कहा कि माता-पिता, ताऊ, चाचा व दादा-दादी से मिलकर परिवार बनता है। इसी से समाज का निर्माण होता है, जिसमें बड़े-बुजुर्गों द्वारा की गई व्यवस्था से देश बनता है। परिवार में बच्चों द्वारा गलतियां करने पर मां-बाप या बड़े-बुजुर्ग उसकी सजा का निर्धारण करते हैं, उसी तरह समाज में गलती करने वाले को सजा का निर्धारण करने के लिए एक व्यवस्था के तहत पुलिस बनाई गई। ब्रिटिश हुकूमत के समय पुलिस का काम उत्पीड़न करना था, लेकिन देश स्वतंत्र होने के बावजूद लोगों की पुलिस के प्रति यही सोच रही। इसके लिए पुलिस-पब्लिक के बीच संवादहीनता बड़ी वजह है, जिसे दूर कर समझना होगा कि पुलिस मित्र है, दुश्मन नहीं। हम भी आप ही के परिवार का एक हिस्सा हैं, जिसे व्यवस्था का पालन कराने के लिए वर्दी पहना दी गई है।

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पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला
एसपी सिटी ने कहा कि आज भी पुलिस को गलत समझा और कहा जाता है, क्योंकि पुलिस भी परिवार के बड़े-बुजुर्ग की तरह कहीं झगड़ा इत्यादि होने पर दोनों पक्षों के बीच मेल-मिलाप का प्रयास करती है, यदि कोई नहीं समझता तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जिसके चलते एक पक्ष द्वारा पुलिस को गलत मान लिया जाता है। पुलिस को कार्रवाई न करनी पड़े, इसके लिए जरूरी है कि किसी भी तरह की लड़ाई हो, वह वैचारिक होनी चाहिए, न कि लाठी-डंडे व चाकू-तमंचे वाली, लेकिन लोग इसे नहीं मानते, जिसके चलते एक पक्ष हमेशा पुलिस से नाखुश रहता है, जिसके चलते पुलिस को आलोचना झेलनी पड़ती है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को डायल-100 के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि यदि आपको किसी भी तरह की कोई परेशानी हो तो डरें या घबराएं नहीं। पुलिस आपकी मित्र है, जो सातों दिन और 24 घंटे आपकी सुरक्षा के लिए किसी न किसी रूप में आपके पास मौजूद रहती है। इसलिए परेशानी के समय तुरंत मोबाइल से पुलिस कंट्रोल रूम का 100 नंबर डायल करें, पुलिस आपके पास मौजूद मिलेगी।

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