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पुलिस की पाठशाला: छात्र-छात्राओं ने खुलकर पूछे सवाल, SP सिटी ने दिए जवाब

Mon, 10 Dec 2018 07:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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छात्र-छात्राओं को टिप्स देते एसपी सिटी - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में सोमवार को रुड़की रोड स्थित विबग्योर स्कूल में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल की जानकारी दी।

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एसपी सिटी ने सोशल मीडिया को इन्फॉर्मेशन हाईवे की संज्ञा देते हुए इसे दुनिया का महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताया। कहा कि सभी छात्र-छात्राओं को सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल करना चाहिए। कोई भी गलत, आपत्तिजनक या भड़काऊ मैसेज करने से बचें, क्योंकि इसके लिए आपके अथवा आपके माता-पिता के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया जा सकता है, जिसके लिए जेल भी जाना पड़ सकता है।

इससे पूर्व, कार्यक्रम का शुभारंभ एसपी सिटी ओमवीर सिंह, टीएसआई राजेश कुमार सिंह, छपार थाना प्रभारी सुभाष सिंह राठौर, संस्था निदेशक विवेक त्यागी, निशा त्यागी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट किए गए। 
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ऐसे हो सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल 

- सही जानकारी देकर बनाएं अपना अकाउंट 
- सोशल मीडिया पर मौजूद लोगों में से सही मित्रों का करें चयन 
- हर किसी से न करें व्हाट्सएप चैट 
- कोई भी आपत्तिजनक या गलत मैसेज न तो पोस्ट करें और न ही उसे आगे फारवर्ड करें 
- कोई भी मेसेज आगे फारवर्ड करने से पहले उसे अच्छे से पढ़ लें अथवा उसके बारे में सही जानकारी हासिल कर लें, अन्यथा हो सकता है क्रिमिनल केस दर्ज 
- साइबर क्राइम के तहत जिसकी आईडी का होगा इस्तेमाल, वही भेजा जाएगा जेल

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पहले दाएं, फिर बाएं देखकर ही करें सड़क पार 
पाठशाला में टीएसआई राजेश कुमार सिंह ने बच्चों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए उन्हें सड़क पर चलने के जरूरी टिप्स भी दिए। उन्होंने बताया कि सड़क पार करने से हमेशा पहले दायीं तरफ और फिर बायीं तरफ देखना चाहिए। खासकर कोहरे में वाहन चालकों को इन नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। वहीं, दुपहिया चलाते समय चालक के साथ ही उसके पीछे बैठने वाले व्यक्ति को भी हेलमेट लगाना चाहिए। 

विद्यार्थियों के सवाल, एसपी सिटी के जवाब 

सवाल: मेट्रो सिटी में बच्चे घर में देर रात-रात तक पहुंचते हैं, लेकिन उनके माता-पिता कुछ नहीं कहते, लेकिन यहां मम्मी-पापा हर समय घड़ी ही देखते रहते हैं और यदि जरा भी देर हो जाए तो डांट पड़ती है। ऐसा क्यूं ? अपूर्वा। 
जवाब:- कानून सभी को बराबरी का हक देने के लिए महिलाओं को विशेष संरक्षण देता है, लेकिन इसके बावजूद सारी बंदिशें केवल लड़कियों के लिए ही होती हैं। घर के बेटों को कोई कुछ नहीं कहेगा, लेकिन मां-बाप को यह सोचना चाहिए कि आखिर कैसे एक लड़का किसी भी अंजान लड़की पर कमेंट कर सकता है ? क्या वह अपनी बहन, बेटी या मां के साथ भी ऐसा बर्ताव कर सकता है ? यदि नहीं तो दूसरे घर की बहन-बेटी के साथ ही क्यों ? इसके लिए सभी को अपनी सोच बदलने की जरूरत है, जिसकी शुरुआत हमें अपने-अपने घर से ही करनी होगी। 

सवाल: कोई भी दुर्घटना होने की स्थिति में क्या करें ? नूपुर। 
जवाब:- पुलिस कंट्रोल रूम को 100 नंबर, एंबुलेंस को 108 नंबर या फिर थाने में कॉल करें। पांच से सात मिनट में पुलिस पहुंचकर मदद करेगी। 
सवाल: अभी 17 साल का हूं और लाइसेंस नहीं है। क्या मैं बाइक चला सकता हूं ? अर्जुन। 
जवाब:- यदि आप नाबालिग हैं तो कतई वाहन नहीं चलाना चाहिए। जल्द ही ऐसा नियम आने वाला है कि यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा गया तो उसके अभिभावकों को सजा दी जाएगी। 
सवाल: जो पुलिसकर्मी डायल-100 की बाइकों पर चलते हैं, वे तो हेलमेट नहीं लगाते तो फिर आम लोगों को क्यों मजबूर किया जाता है ? मनस्वी। 
जवाब:- यदि ऐसा है तो ऐसे पुलिसकर्मियों का भी चालान काटा जाएगा। 
सवाल: यदि राह चलते कोई गलत व्यवहार करता है तो क्या करें ? अंशिका। 
जवाब:- अपने आसपास मौजूद हर व्यक्ति को अभिभावक मानते हुए शोर मचा दीजिए। यकीनन आरोपी लड़के को उसकी सजा मिल जाएगी। 
सवाल: फोन पर कोई अंजान व्यक्ति लगातार कॉल कर परेशान करता है तो क्या करें ? मेहनूर। 
जवाब:- ऐसे नंबर को तत्काल ब्लॉक कर दीजिए। इसके बाद भी यदि वही व्यक्ति नए नंबर से फिर परेशान करे तो पुलिस को सूचना दें।

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