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पुलिस के मित्र बनें, अपराध घटाएं  

Thu, 18 Jan 2018 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को मेरठ पब्लिक स्कूल मेन विंग कैं ट में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। एएसपी सतपाल सिंह ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि युवा अगर पुलिस का साथ दें तो समाज में बढ़ते अपराध पर काफी हद तक नियंत्रण हो सकता है। अपने आसपास जो भी अवांछित गतिविधि देखें उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। प्रशासनिक सेवाओं में कॅरियर कैसे बनाएं, इसकी जानकारी दी। महिला हेल्पलाइन, साइबर अपराध में खुद को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। छात्रों के सवालों के जवाब भी दिए। प्रिंसिपल डॉ. संजीव अग्रवाल ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
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सोशल मीडिया पर रहें संभलकर
साइबर क्राइम के बढ़ते मामलों से जागरूक करते हुए एएसपी ने छात्रों को सोशल मीडिया का प्रयोग बहुत संभलकर करने की हिदायत दी। फेसबुक, व्हाट्स एप, ट्विटर, इंस्टाग्राम आदि पर अंजान लोगों से दोस्ती न करें। हर वक्त सोशल मीडिया पर ऑनलाइन न रहें। अभिभावकों को अपने सोशल मीडिया के दोस्तों की भी जानकारी दें। सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट न डालें। 

सीसीटीवी कैमरों का करें प्रयोग
अपराध को कम करने में सीसीटीवी कैमरे महती भूमिका निभा रहा है। एएसपी ने छात्रों से कहा कि वे अपने परिजनों से कहें कि घर, दुकान के बाहर व अंदर सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं। कोशिश करें कि कैमरे में अधिक से अधिक स्थान कवर हो सके।
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मुसीबत में मिलाएं 1090
एएसपी ने 1090 वुमन पावर लाइन के बारे में बताया। जब भी कोई महिला, छात्रा परेशानी में हो। उसके साथ छेड़छाड़, घरेलू उत्पीड़न, दहेज, सोशल ट्रोलिंग जैसी घटना हुई हो तो वह 1090 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। टोल फ्री नंबर है, इस सिस्टम पर शिकायतकर्ता की पहचान भी गुप्त रखी जाती है। तुरंत कार्यवाही होती है।

कहीं गलत दिखे तो हमें बताएं
एएसपी सतपाल सिंह ने छात्रों से कहा कि समाज में, अपने चारों ओर बच्चों को कहीं कुछ गलत, अमानवीय होता या संदिग्ध दिखे तो वो उसकी शिकायत तुरंत स्थानीय थाना पुलिस से करें। डायल 100 पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के पास जाकर भी इस तरह की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी दें, ताकि समाज से अपराध कम हो सके। 

बहुत जरूरी है बच्चों से संवाद
मेरठ पब्लिक स्कूल मेन विंग के प्रिंसिपल डॉ. संजीव अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान वक्त में बच्चों से संवाद घटता जा रहा है। अभिभावक बच्चाें को वक्त नहीं दे रहे। सोशल मीडिया में व्यस्त रहने वाले बच्चे भी शिक्षक व अभिभावक से बात करने में कतराते हैं। ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से होने वाली पुलिस की पाठशाला छात्रों से संवाद का बेहतरीन जरिया है।
 
छात्रों के सवाल, एएसपी के जवाब
सवाल-  हम किसी व्यक्ति को यातायात नियमों के पालन की बात कैसे समझा सकते हैं? - हैदर
जवाब- सबसे पहले आप खुद यातायात के नियमों का पालन करें। जब हम खुद नियमों को मानेंगे तभी दूसरे आदमी को समझा पाएंगे। यातायात नियमों को मानना दुर्घटना से बचाव है।

 सवाल- स्कूल के बाहर छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस कैसे निभाएगी? - विशाखा शर्मा
जवाब- महिला पुलिस कांस्टेबल व पुलिस की गाड़ियां स्कूल, कॉलेजों के बाहर पेट्रोलिंग करती हैं। सिविल कपड़ों में महिला पुलिस ऐसे स्थानों पर घूमती है, ताकि छात्राओं के साथ छेड़खानी न हो। 

सवाल- शहर में ट्रैफिक लाइट ही नहीं जलती तो हम उन्हें फॉलो कैसे करें? - मधुसूदन
जवाब- कुछ स्थान ऐसे हैं जहां ट्रैफिक लाइट खराब है, खराब लाइट की शिकायत स्थानीय प्रशासन, पुलिस, यातायात पुलिस व नगर निगम से कर सकते हैं। हर चौराहे पर यातायात पुलिस के सिपाही खड़े होते हैं जो ट्रैफिक कंट्रोल करते हैं। 

सवाल- पब्लिक ट्रांसपोर्ट की वजह से कोई घटना हो तो किसे शिकायत करें? - सिद्धार्थ गौतम
जवाब- जिस भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर कर रहे हैं सबसे पहले उसका नंबर अपने परिजनों व मित्रों को भेजें। ट्रैक योर राइड की तरह कुछ सेफ्टी एप हैं जिनका प्रयोग कर सकते हैं। 

 सवाल- सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग से कैसे बचें? - परी
जवाब- सोशल मीडिया का प्रयोग संभलकर करें। हर व्यक्ति की रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। निजी तस्वीरें आदि साझा न करें। जिस व्यक्ति पर आपको संदेह लगता हो उसे तुरंत ब्लॉक करें। स्थानीय थाना पुलिस को ऐसे व्यक्ति की शिकायत भी कर सकते हैं।

सवाल- बिना ड्राइविंग लाइसेंस ड्राइव करने वालों को पुलिस पैसे लेकर क्यों छोड़ देती है? - राजन
जवाब- बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना कानूनी अपराध है, इससे बचना चाहिए। जो सिपाही पैसे लेकर छोड़ता है तो उसकी सिपाही स्थानीय पुलिस से करें। ऐसे लोगों को दंड देने का प्रावधान है, जिसके तहत उन पर कार्रवाई होती है। 

सवाल- 100 नंबर अक्सर व्यस्त रहता है, तो हम कहां शिकायत करें? - आद्या
जवाब- ऐसा हो सकता है, एक साथ कई कॉल आने के कारण नंबर व्यस्त हो जाता है। ऐसे में स्थानीय पुलिस से संपर्क करके अपनी परेशानी बताएं, निश्चित मदद मिलेगी। 

सवाल- ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त साइबर ठगी से कैसे बचें? - मनेंद्र
जवाब- हमेशा वैध साइटों से ही ऑनलाइन शॉपिंग करें। वैध और सही साइटों पर इस तरह की ठगी नहीं होती। वैध साइट्स ऑनलाइन, ऑफलाइन दोनों मोड में पेंमेंट का विकल्प देती हैं, कोशिश करें कि ऑफलाइन भुगतान करें। ऑनलाइन पेमेंट में एटीएम कार्ड का सीबीबी नंबर डालना होता है, जो साइट सीबीबी नंबर को स्वीकार न करे तो समझें वो अवैध है।

 सवाल- गंदगी फैलाने वालों पर क्या पुलिस कोई कार्रवाई कर सकती है? - अक्षत कौशिक
जवाब- सफाई हमारी नैतिक, सामाजिक जिम्मेदारी है। ऐसे लोगों को समझाएं उन्हें स्वच्छता का महत्व बताकर जागरूक करें। अगर फिर भी नहीं मानें तो नगर निगम और स्थानीय जिला प्रशासन से शिकायत कर सकते हैं।

 सवाल- पुलिस पैसे और नेताओं की सिफारिश लेकर कई बार अपराधियों को छोड़ क्यों देती है? - गीता माहेश्वरी
जवाब- पुलिस समाज में अपराध नियंत्रण का काम करती है। ऐसा व्यक्ति जो अपराधी है, कोर्ट ने जिसे अपराधी साबित कर सजा दी है, उसे छोड़ा नहीं जा सकता। हर अपराधी को सजा अवश्य मिलती है। 
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सवाल व्हाट्सएप पर अंजान नंबर से मैसेज आए तो हम कहां शिकायत करें? - कीर्ति रस्तोगी
जवाब- ऐसे लोगों को पहले तो अपने फोन से ब्लॉक करें, ताकि वो आगे परेशान न कर पाएं। स्थानीय पुलिस 
या 1090 वुमन हेल्पलाइन पर ऐसे व्यक्ति की शिकायत कर सकती हैं। 
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