सरधना। नवाबगढ़ी में ग्रामीणों में बढ़ रहे असंतोष को लेकर पुलिस ने बैठक कर सहयोग मांगा। संवाद
सरधना। थाना क्षेत्र के गांव नवाबगढ़ी में बच्चे के अपहरण के प्रयास के बाद शनिवार को गांव के मदरसे में पुलिस और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई। अध्यक्षता थाना प्रभारी निरीक्षक प्रताप सिंह ने की। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कानून-व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव में नशीले पदार्थों की बिक्री खुलेआम हो रही है और देर रात तक संदिग्ध लोग गलियों में घूमते देखे जाते हैं। इससे न सिर्फ गांव का माहौल खराब हो रहा है, बल्कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बैठक में गांव में स्थायी पुलिस तैनाती की मांग के साथ-साथ रात्रि गश्त बढ़ाने पर जोर दिया। उनका कहना था कि बच्चे के अपहरण के प्रयास के बाद से गांव में दहशत का माहौल है और कोई भी बाहरी व्यक्ति देखते ही ग्रामीणों में संदेह और तनाव उत्पन्न हो जाता है। थाना प्रभारी निरीक्षक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर शीघ्र ही विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के चलते फिलहाल पुलिस बल सीमित है, लेकिन यात्रा समाप्त होते ही गांव में नियमित गश्त शुरू कर दी जाएगी। शुक्रवार को बच्चे के अपहरण के प्रयास के मामले में एक युवक को ग्रामीणों ने पकड़कर जमकर पीट दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद युवक को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने का घेराव करते हुए प्रभारी निरीक्षक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और एसपी देहात से उन्हें हटाने की मांग की थी।
तंत्र क्रिया के शक में हत्या की घटना से भी डरे ग्रामीण
बैठक में ग्रामीणों ने हाल ही में तंत्र क्रिया के शक में हुई किशोरों की हत्या का भी जिक्र करते हुए आशंका जताई कि गांव में तांत्रिक गतिविधियों से जुड़े गिरोह सक्रिय हो सकते हैं जो बच्चों को अगवा कर सकते हैं।