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यूपी: गौ तस्करों के इस गांव में कदम रखने से डरती है हर जगह की पुलिस, जानें आखिर क्या है वजह 

Sat, 01 Dec 2018 01:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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यूपी के मेरठ से सटे सरधना में एक ऐसा गांव है जहां दिल्ली, हरियाणा, और यूपी सहित कई प्रदेशों की पुलिस कदम रखने से डरती है। यहां अपराधियों की तलाश में दबिश देने के लिए जाना पुलिसवालों को भारी पड़ता है। शुक्रवार को भी दिल्ली पुलिस की टीम जब गौ तस्करी के आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश डाली तो जवानों को जान बचानी मुश्किल हो गई। यही नहीं दो पुलिसकर्मियों सहित चार लोगों को गांव वालों ने बंधक बना लिया। भारी फोर्स के पहुंचने के बाद उन्हें छुड़ाया गया। आगे जानें आखिर क्यों पुलिस को इस गांव में जाने से लगता है डर...
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मढ़ियाई में शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की दबिश के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद थी। उसके बाद भी ग्रामीणों ने हिरासत में लिए गए दो-तीन आरोपियों को पुलिस से छुड़ा लिया। इस गांव में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां दर्जनों बार दिल्ली, हरियाणा व पंजाब की पुलिस पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। पुलिस की माने तो यहां रहने वाले बंजारा जाति के लोग पुलिस पर हमले के लिए घरों में ईंट-पत्थर जमा करके रखते हैं। दबिश के दौरान महिलाएं और बच्चे भी पुलिस पर हमला करने में पीछे नहीं रहते। 
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मढ़ियाई में बंजारा जाति के काफी परिवार रहते हैं। कुछ तो व्यापार के माध्यम से खरीदे गए पशुओं के रुपये नहीं लौटाते तो कुछ पशु चोरी में लिप्त रहते हैं। महीने में इस गांव से इस तरह के एक या दो मामले सामने आ ही जाते हैं, जिसमें इस गांव के लोगों की तलाश में पुलिस दबिश देती रहती है, लेकिन दबिश देने आई पुलिस पर हर बार ग्रामीण भारी पड़ते हैं और बिना किसी डर के पुलिस पर हमला बोल देते हैं।

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मढ़ियाई गांव में कई नेता भी हैं, जो पशु चोरों के साथ गौ तस्करों की पैरोकारी करते हैं। वहीं आरोपी को न छुड़ा पाने की स्थिति में ये लोग पुलिस पर लूट और महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगा देते हैं। यहां घरों में ईंट-पत्थरों को पुलिस पर हमला बोलने के लिए पहले से जमा करके रखा गया है। ग्रामीण इकट्ठा होकर हमला बोलते हैं और पुलिस से खींचा तानी या अभद्रता भी कर डालते हैं। नतीजा ये होता है कि या तो पुलिस के जवानों को बंधक बना लिया जाता है या फिर पुलिसवालों के सिर भी फूट जाते हैं। 
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शुक्रवार को भी दिल्ली पुलिस जब यहां पशु चोरों की तलाश में दबिश देने पहुंची तो पुलिस कर्मियों को जान बचानी मुश्किल हो गई। यहां पुलिस के साथ वह पशु मालिक भी थे जिनके पशु चोरी किए गए थे। पुलिस जब गांव में पहुंची तो ग्रामीणों की भीड़ ने एकसाथ हमला बोल दिया। पथराव के साथ साथ महिला सिपाहियों से भी हाथापाई की। इतना सब होने पर पुलिसकर्मी मौके से भाग खड़े हुए। इसी बीच खींचातानी करते हुए वांछित आरोपियों को भी पुलिस की पकड़ से छुड़ा लिया। दो पुलिसकर्मियों और पशु मालिक सहित चार को बंधक बना लिया गया। जब भारी संख्या में फोर्स गांव में पहुंची तब जाकर बंधकों को छुड़ाया गया।    
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दबिश के दौरान महिलाओं व बच्चों से मारपीट का आरोप लगा दिया गया। ग्रामीणों ने अलमारी के ताले तोड़ने और करीब एक लाख की नकदी लूटने की बात कही। हालांकि इस मामले में थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई। वहीं पुलिस ने चार-पांच लोगों को मौके से हिरासत में लिया है। इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल ने बताया कि आसिफ उर्फ मोटा को ही भीड़ ने छुड़ाया है। दो-तीन अन्य आरोपियों को छुड़ाने की बात गलत है।
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ग्रामीण महिलाएं
पुलिस पर तोड़फोड़ का लगाया आरोप
कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने दबिश के दौरान घर में महिलाओं व बच्चों से मारपीट और तोड़फोड़ की। हालांकि ग्रामीणों ने थाने में इसकी कोई तहरीर नहीं दी है। इंस्पेक्टर सरधना प्रशांत कपिल ने बताया कि मामले में तीन चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। कुछ नामजद व 30-40 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई हैं। बता दें कि मढ़ियाई गांव में पहले भी कई बार दिल्ली, हरियाणा व पंजाब की पुलिस पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। 
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दबिश के दौरान घर में बिखरा सामान
कड़ी कार्रवाई की जाएगी
दिल्ली पुलिस की टीम सरधना पुलिस के साथ मौके पर पहुंची थी। पुलिस पर पथराव की सूचना पर फोर्स को मौके पर भेजा गया था। एक आरोपी घेराबंदी कर पकड़ा गया है। इस मामले में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार, एसपी देहात

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